
ऐतिहासिक ही नहीं अब इको ट्यूरिज्म का हब बनेगा बूंदी
ऐतिहासिक ही नहीं अब इको ट्यूरिज्म का हब बनेगा बूंदी
‘रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और पर्यटन विकास की संभावनाएं’ विषय पर संगोष्ठी
बूंदी. बूंदी रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व बनने से अब इको ट्यूरिज्म का हब बनेगा। यह कहना था वन्य जीव सहायक वन संरक्षक तरुण कुमार मेहरा का। मेहरा बाघ दिवस पर उमंग संस्थान और रानी रोहिणी कुमारी राजपूत महिला फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
मेहरा ने बाघ के प्रति सकारात्मक जागरूकता के प्रयासों की आवश्यकता बताते हुए कहा कि टाइगर रिजर्व से विकास के नए अवसर सृजित होंगे, आवश्यकता केवल जनता के सहयोग और सकारात्मक प्रयासों की रहेगी। ‘रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और पर्यटन विकास की संभावनाएं’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में सहायक वन संरक्षक चन्द्रमोहन गुप्ता, जन सम्पर्क अधिकारी रचना शर्मा, पर्यटन अधिकारी विवेक जोशी विशिष्ट अतिथि रहे। अधिवक्ता राजकुमार दाधीच और वन्यजीव प्रेमी वि_ल सनाढ्य, पृथ्वी सिंह राजावत, रेंजर रामप्रसाद बोयत, धर्मराज गुर्जर वक्ता के रूप में मौजूद रहे। फाउण्डेशन की अध्यक्ष रोहिणी कुमारी हाडा और उमंग संस्थान के उपाध्यक्ष लोकेश जैन ने स्वागत करते हुए गतिविधियों की जानकारी दी। सनाढ्य ने सहायक वन संरक्षक के माध्यम से राज्य सरकार से टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में वृद्धि करवाते हुए हिण्डोली के कालदां वन क्षेत्र और तलवास अजीतगढ़ किला वन क्षेत्र को जोडऩे की मांग भी की। इस अवसर पर टाइगर पर जागरूकता प्रश्नोत्तरी का ऑनलाइन विमोचन भी अतिथियों ने किया।
संचालन सर्वेश तिवारी ने किया। फाउण्डेशन की सचिव रीना राणावत ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर बलभद्र सिंह हाड़ा, वंशवर्धन सिंह, उमंग संस्थान की अध्यक्ष सविता लौरी, विनोद गौतम, अशोक शर्मा आदि मौजूद थे। इससे पहले दलेलपुरा वन नाके पर पौधारोपण किया गया।
Published on:
31 Jul 2021 08:47 pm
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