एंबुलेंस चालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए किया यह काम...

एंबुलेंस की लोकेशन क्या है, कहां पर खड़ी है, कितने किलोमीटर चली। इन सब का पता अब जीपीएस डिवाइस सिस्टम से लगाया जा सकेगा। जी हां! एंबुलेंस वाहन चालकों की ओर से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने, छोटे रूट के बजाए लंबे रूट से वाहन ले जाने, मरीजों के साथ अप्रिय घटना, आपराधिक कृत्य जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग सख्त हो गया।

By: pankaj joshi

Updated: 11 Jun 2021, 09:04 PM IST

एंबुलेंस चालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए किया यह काम...
परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी किए आदेश : एंबुलेंस में लगेंगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम व पैनिक बटन
एंबुलेंस चालकों की ओर से ज्यादा वसूली की घटना के बाद किया निर्णय
बूंदी. एंबुलेंस की लोकेशन क्या है, कहां पर खड़ी है, कितने किलोमीटर चली। इन सब का पता अब जीपीएस डिवाइस सिस्टम से लगाया जा सकेगा। जी हां! एंबुलेंस वाहन चालकों की ओर से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने, छोटे रूट के बजाए लंबे रूट से वाहन ले जाने, मरीजों के साथ अप्रिय घटना, आपराधिक कृत्य जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग सख्त हो गया।
इस पर लगाम कसने के लिए प्रदेश की सभी पंजीकृत एंबुलेेंस वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की घटना या मनमाने किराए वसूलने पर लगाम लग सके। इस संबंध में परिवहन विभाग आयुक्त एवं विशिष्ट शासन सचिव महेंद्र सोनी ने प्रदेश के सभी प्रादेशिक व जिला परिवहन अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए। इससे सभी एबुंलेंस धारकों को अपने वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम यानि जीपीएस डिवाइस लगाना होगा। बूंदी जिले में 65 एंबुलेंस पंजीकृत बताए। परिवहन विभाग के अनुसार एंबुलेंस वाहन पर व्हीकल टै्रकिंग सिस्टम लगा हुआ होगा तो वाहन को ट्रेस करने में आसानी होगी। इस सिस्टम को अभय कमांड सेंटर से
जोड़ा जाएगा।
आपात स्थिति में उपलब्धता होगी सुनिश्चित
परिवहन विभाग की तरफ से एबुलेंस की लाइव ट्रैकिंग के लिए राज्य स्तर पर केंद्रीयकृत व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। इससे एबुलेंस की रियल टाइम लोकेशन का पता चल सकेगा। इसके बाद आपात स्थिति में एंबुलेंस उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। एंबुलेंस में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाने के बाद मुख्यालय स्तर पर इनकी उपलब्धता व लोकेशन का पता चल सकेगा। वाहन में ट्रैकिंग डिवाइस स्थापित कराए जाने के बाद फिटमेंट का परिवहन विभाग की तरफ से पुष्टि की जाएगी। इसका पत्र जारी किया जाएगा। एंबुलेंस में स्थापित ट्रैकिंग डिवाइस को वाहन सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट एवं नेटवर्किंग करते हुए मुख्यालय स्तर पर मॉनिटरिंग करने की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। डिवाइस के वैधता की प्रति निर्माता कम्पनी की तरफ से प्रस्तुत की जाएगी।
अप्रिय घटना घटना के बाद जागी सरकार
कोरोना काल के दौरान प्रदेशभर में एंबुलेंस धारकों की ओर से मरीजों से मनमाना किराया वसूलने व प्रदेश के एक जिले में एंबुलेंस में एक महिला के साथ दो लोगों के अप्रिय घटना को अंजाम देने के बाद सरकार ने एंबुलेंस वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। एबुलेंस की वास्तविक लोकेशन भी मुख्यालय के कंट्रोल रूम में जीपीएस के माध्यम से देखी जा सकेगी।
30 दिन के भीतर सिस्टम लगाना अनिवार्य
विभाग को 30 दिनों में उनके कार्यालय में रजिस्टर्ड एंबुलेंस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य रूप से स्थापित कराए जाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार की तरफ से यह निर्णय आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया। विभाग की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया कि केंद्रीय मोटरयान नियम,1989 के नियम 125(एच) के तहत सार्वजनिक सेवा यानों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस एंड इमरजेंसी बटन लगाने के प्रावधान किए। मोटरवाहन अधिनियम 1988 के तहत एबुलेंस को भी सार्वजनिक सेवा यान की श्रेणी में शामिल किया है। वहीं सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से एबुलेंस को परिवहन यान की श्रेणी में ही रखा है। नियमों के मुताबिक सार्वजनिक सेवा यानों में नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइसज का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए परिवहन विभाग की ओर से अब एंबुलेंस में भी डिवाइस लगाए जाने के निर्देश जारी किए।
एंबुलेंस में पैनिक बटन भी लगाना होगा
एंबुलेंस वाहनों में अब एक पैनिक बटन भी लगाना होगा। रास्ते में किसी तरह की परेशानी होने की स्थिति में इस बटन का उपयोग मरीज के परिजन कर सकेंगे। इस बटन के जरिए सूचना सीधे पुलिस व परिवहन विभाग तक पहुंचेगी। यह लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम अभय कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। साथ ही वाहन सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट एवं नेटवर्किंग करते हुए परिवहन मुख्यालय जयपुर स्तर पर से मॉनिटरिंग की जाएगी। कोरोना महामारी में मरीजों और परिजनों के लिए यह प्रयोग कारगार साबित होगा।
एंबुलेंस वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाने के निर्देश मिले हंै। इस सिस्टम के लगने से एंबुलेंस पर निगरानी संभव हो सकेगी। मनमाने किराया पर अंकुश लगेगा एवं किसी प्रकार की अनहोनी घटना को रोकने में सहायक होगा। जिला परिवहन कार्यालय में 65 एंबुलेंस पंजीकृत है। आदेशों की पालना करते हुए आगामी दिनों में वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाने की कवायद कर दी जाएगी। इस संबंध में अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए।
भगवान कर्मचंदानी, जिला परिवहन अधिकारी, बूंदी

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