नलों में आ रहे पानी की शुद्धता की जांच के लिए नमूनेे लिए

जलदाय विभाग द्वारा कस्बे में नलों के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति के पानी की शुद्धता की जांच के लिए बुधवार को कस्बे में चार कॉलोनियों में उपभोक्ताओं के नलों में आ रहे पानी के नमूने लेकर जांच की गई। जांच में पानी शुद्ध व पीने योग्य ही पाया।

By: pankaj joshi

Published: 08 Oct 2020, 08:24 PM IST

नलों में आ रहे पानी की शुद्धता की जांच के लिए नमूनेे लिए
नैनवां. जलदाय विभाग द्वारा कस्बे में नलों के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति के पानी की शुद्धता की जांच के लिए बुधवार को कस्बे में चार कॉलोनियों में उपभोक्ताओं के नलों में आ रहे पानी के नमूने लेकर जांच की गई। जांच में पानी शुद्ध व पीने योग्य ही पाया।
जलदाय विभाग की बूंदी प्रयोगशाला के सहायक गनी मोहम्मद ने जलापूर्ति के समय कस्बे की चार कॉलोनिया, रवीन्द्र कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी, बस स्टैण्ड टीचर कॉलोनी में पानी की शुद्धता की जांच के लिए 22 उपभोक्ताओं के घरों के नलों में आ रहे पानी की जांच की। 6 घरों पर बेक्ट्रोलॉजिकल व 16 घरों से क्लोरिन की मांत्रा की जांच के नमूने लेकर मौके पर ही जांच की गई। प्रयोगशाला सहायक ने बताया कि सभी नमूनों का पानी जांच में शुद्ध पााया है।

 


बूंदी आगार प्रबंधक ने लिखा एमडी को पत्र
हिण्डोली. बूंदी मुख्य आगार प्रबंधक रीनू देवडा ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक से हिण्डोली से गुजरने वाली बसों को बस स्टैंड से निकालने को लेकर पत्र लिखा। देवडा ने लिखे पत्र में बताया कि देवली व बूंदी से आने जाने वाली सभी बसों के चालकों परिचालकों को हिण्डोली कस्बे के बस स्टैंड से निकालने के निर्देश देने को कहा है। पत्र में बताया कि यात्रियों की शिकायत है कि देवली से आने वाली रोडवेज बसें यात्रियों को बाइपास के जंगल में उतार देते हैं। खासकर रात के समय यात्रियों को काफी परेशानी आती है। ऐसे में कोटा ,झालावाड़ अजमेर टोंक सहित विभिन्न आगार के प्रबंधकों को हिण्डोली बस स्टैंड से बस गुजारने को पाबंद किया जाए। गत दिनों कस्बे के लोगों ने बूंदी आगार प्रबंधक व रा’य मंत्री अशोक चांदना को ज्ञापन भिजवाया था।

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