सामुदायिक सहभागिता से कर लिया अपने गांव में जल प्रबंधन

सामुदायिक सहभागिता से कर लिया अपने गांव में जल प्रबंधन
सामुदायिक सहभागिता से कर लिया अपने गांव में जल प्रबंधन

Narendra Agarwal | Updated: 18 Sep 2019, 01:26:47 PM (IST) Bundi, Bundi, Rajasthan, India

उपखंड के खानपुरा ग्राम पंचायत के मानपुरा गांव के लोगों ने बेहतर जल प्रबंधन के लिए सामुदायिक सहभागिता से मामूली राशि से ही तीन एनिकट का निर्माण व कई वर्षों से खाली पड़ी तलाई में

नैनवां. उपखंड के खानपुरा ग्राम पंचायत के मानपुरा गांव के लोगों ने बेहतर जल प्रबंधन के लिए सामुदायिक सहभागिता से मामूली राशि से ही तीन एनिकट का निर्माण व कई वर्षों से खाली पड़ी तलाई में पानी की आवक के लिए फीडर का निर्माण कर लिया। इसे पेयजल ही नहीं सिंचाई के लिए भी जल का प्रबंधन कर जन सहभागिता का अनूठा उदाहरण पेश कर दिया। जो कार्य 75 लाख में भी पूरा नहीं हो पाता वह कार्य जन सहभागिता से मात्र साढ़े सात लाख रुपए में कर लिया गया। ग्रामीणों का यह कार्य अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया।
रिलायंस फाउण्डेशन के सहयोग से गांव का बेहतर जल प्रबंधन के लिए वॉटर बजट तैयार किया, इसी के आधार पर गांव का वॉटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया गया। सामुदायिक सहयोग से मात्र दो माह में ही यह कार्य पूरा कर अपने गांव के लिए जल प्रबंधन कर लिया। मानपुरा गांव डेढ दशक से पानी का गंभीर संकट झेल रहा था। सर्दी के दिनों में ही प्रशासन को टैंकरों से पीने का पानी पहुंचाना पड़ रहा था। एनिकट व तलाई लबालब होने से अब भूजल स्तर इतना ऊंचा आ गया कि बरसों से रीते पड़े गांव के कुएं व नलकूप में पानी आ गया। सामुदायिक सहभागिता से एकत्रित की गई राशि से गांव विद्यालय में पानी का संकट झेल रहे बच्चों के लिए भी टंकी का निर्माण करा दिया।

ऐसे तैयार किया प्लान
फाउण्डेशन की ओर से मई माह में गांव के लोगों की बैठक ली तो गांव में मुख्य समस्या पानी की मिली। पानी की समस्या को दूर कैसे किया जाए इस पर ग्रामीणों से चर्चा की गई। ग्रामीणों ने तीन खाळों के व्यर्थ बहकर जाने वाले पानी को एनिकट बनाकर रोकने का सुझाव दिया। एनिकट निर्माण में ग्रामीणों ने पूरी जन सहभागिता निभाने का भरोसा दिया। ग्रामीणों व रिलायंस फाउण्डेशन के प्रतिनिधियों ने गांव के दोनों तरफ खाळ में माना का घाटा व वनी के महादेव के पास एनिकट का निर्माण कराया।पानी मसानी तलाई में मोडऩे का प्रस्ताव लेकर चारों स्थानों पर ही निर्माण शुरू कराया, जिसे बारिश से पहले पूरा करा लिया।

ग्रामीण बोले...मजो आ ग्यो
ग्रामीण नरसीलाल नागर, प्रहलाद नागर व धनराज नागर ने बताया कि 15 वर्ष से गांव में पानी का संकट झेल थे। सात सौ फीट गहराई तक भी पानी नहीं मिल रहा था। सात सौ फीट की गहराई तक खोदे गए नलकूपों में भी पानी नहीं आया था।जलदाय विभाग ने आठ वर्ष पहले भूजल रिचार्ज के प्रोजेक्ट भी स्थापित किया, लेकिन भूजल रिचार्ज नहीं हुआ। अब एनिकट व मसानी तलाई लबालब होते ही गांव के कुएं और नलकूप में पानी आ गया। ग्रामीण बोले... मजो आ ग्यो।

म्हाकी जमीन अब पड़त न रहगी
कार्य से प्रभावित होकर गांव के दो किसान मुकेश नागर व राधेश्याम नागर ने तो खेतों से बाहर निकलने वाले पानी को अपने कुंओं की ओर मोडऩे का काम किया। खेतों का पानी कुएं में डालने से दोनों ही किसानों के कुएं लबालब हो गए। अब यहां जमीन पड़त रहने का संकट नहीं रहेगा।

मानपुरा में जल प्रबंधन का कार्य जन सहभागिता से किया, जो काम 75 लाख में पूरा होता उसे ग्रामीणों ने मात्र साढ़े सात लाख रुपए में ही पूरा कर लिया। मानपुरा के लोगों का यह कार्य अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया।
मनीष शर्मा, प्रोजेक्ट प्रबंधक, रिलायंस फाउण्डेशन

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