बरसात से सूखती फसलों को मिला जीवनदान

कापरेन. कस्बे सहित क्षेत्र में शनिवार शाम को हुई बरसात से किसानों को बड़ी राहत मिली हैं। बरसात होने से किसानों के मुरझाये चेहरों पर फिर से उम्मीदो की मुस्कान दौड़ गई।

By: pankaj joshi

Published: 20 Sep 2020, 07:05 PM IST

बरसात से सूखती फसलों को मिला जीवनदान
कापरेन. कस्बे सहित क्षेत्र में शनिवार शाम को हुई बरसात से किसानों को बड़ी राहत मिली हैं। बरसात होने से किसानों के मुरझाये चेहरों पर फिर से उम्मीदो की मुस्कान दौड़ गई। क्षेत्र में शनिवार शाम को 4 बजे से आधे घण्टे की रिमझिम बरसात हुई। वही बाद में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। जिससे मौसम खुशमिजाज हो गया। लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। उधर क्षेत्र में पानी के अभाव में पकने से पहले ही सूख रही फसलो को नया जीवनदान मिल गया हैं। किसानों का कहना है कि सोयाबीन, उड़द, मक्का, धान की फसल में इस समय फलाव आ रहा हैं। फलियों में दाना बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं, लेकिन पानी के अभाव में दाना बनने व फूलने से पहले ही फसल सूखने लगी है। शनिवार को हुई बरसात से फसलों को कुछ राहत मिली हैं। नहरों में भी जल प्रवाह शुरू हो गया हैं। इससे अब फसलो के पकने की उम्मीद हो गई हैं।
आधा घंटा बरसात हुई
नैनवां. नैनवां में शनिवार को आधे घंटे तक मध्यम दर्जे की बरसात हुई। कस्बे से सवा चार बजे से पौने पांच बजे तक हुई बरसात से सडक़ों पर पानी बह निकला। कई दिनों से इंतजार के बाद शनिवार को हुई बरसात से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के साथ फसलों के लिए भी फायदेमंद बताया है।
बारिश से मौसम में घुली ठंडक
नोताडा. क्षेत्र में शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज बदला और सुबह 11 बजे से ही बादल छााए रहे। दोपहर को हल्की बारिश शुरु हुई जो शाम तक रुक रुककर होती रही। बारिश से मौसम में ठण्डक आ गयी और लोगों को राहत मिली। किसानों ने बताया कि सरसों की बुवाई के लिए खेतों को हकाई कर तैयार कर रखें है, लेकिन नमी कम होने से वे बुवाई नहीं कर पा रहे थे। यह बारिश बुवाई के लिए ठीक रहेगी।
तेज हवा के साथ हुई बारिश
लबान. कस्बे सहित आसपास के गांवों मे आज सनिवार शाम चार बजे तेज हवा के साथ 20 मिनट तक बारिश हुई। लबान, देहीखेड़ा, कोटाखुर्द, गोहाटा, बंगाली, माखिदा सहित आसपास के गांव में दिन भर गर्मी एवं उमस से लोग परेशान होते रहे। दोपहर को आसमान में काली घटाएं छाई और तेज हवा और मेघ गर्जना के साथ बरसात हुई। किसानों ने बताया कि इससे सोयाबीन, धान की फसलों को फायदा होगा।
बारिश की कमी से खराब हुई फसलें
खटकड़. मानसून की बेरुखी व रोगग्रस्त होने से फसलों में खराबा होने लगा है। कस्बे सहित आस पास पडऩे वाले बगली, खड़ीबारा, लोहली, केशरपुरा सहित गांवों में मानसून की बेरुखी व रोग के चलते फसलें समाप्त हो गई हैं। ग्रामीण रामदेव मीणा, लेखराज मीणा, राजेन्द्र जांगिड़, कालूलाल रेगर ने बताया उड़द की फसल में पीलिया रोग हो गया है। लट लगने से फलियां भी समाप्त हो गई हैं। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान की गिरदावरी करवाने की मांग की है।

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