scriptBundi News, Bundi Rajasthan News,Rajasthan patrika news,Prisoners will | district prison: कैदियों को मिलेगा और अधिक उच्च क्वालिटी का भोजन, सहकारी भंडार से ही आएगी हर खाद्य सामग्री | Patrika News

district prison: कैदियों को मिलेगा और अधिक उच्च क्वालिटी का भोजन, सहकारी भंडार से ही आएगी हर खाद्य सामग्री

प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों को और अधिक अच्छा क्वालिटी का खाना मिलेगा।

बूंदी

Updated: July 01, 2022 08:11:39 pm

district prison: कैदियों को मिलेगा और अधिक उच्च क्वालिटी का भोजन, सहकारी भंडार से ही आएगी हर खाद्य सामग्री
डीजीपी जेल ने जारी किए आदेश, खाने की ठेकेदारी हुई बंद
सहकारी उपभोक्ता भंडार को बढ़ावा देने की पहल
जेल प्रशासन का डेढ़ सेे दो गुणा बढ़ेगा खर्च
बूंदी. प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों को और अधिक अच्छा क्वालिटी का खाना मिलेगा। जेल मुख्यालय ने ठेका व्यवसाय प्रथा बंद करते हुए अब सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जेल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। बूंदी जिला कारागृह में वर्तमान में सवा तीन सौ बंदी है। सहकारी उपभोक्ता को बढ़ावा देने के लिए जेल मुख्यालय ने पहल की है। इधर, उपभोक्ता भंडार से सामग्री लेने में जेल प्रशासन का पहले से डेढ़ से दो गुणा खर्च बढ़ जाएगा। जेल प्रशासन को राशन, सभी प्रकार की दालें, खाद्य सामग्री सिर्फ सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खरीदनी है। इसमें मसाले भी एगमार्क क्वालिटी के होंगे। डीजीपी जेल भूपेंद्र दक के आदेशानुसार जेल में सभी प्रकार की खाद्य सामग्री राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ कॉनफैड से क्रय की जाएगी।

district prison: कैदियों को मिलेगा और अधिक उच्च क्वालिटी का भोजन, सहकारी भंडार से ही आएगी हर खाद्य सामग्री
district prison: कैदियों को मिलेगा और अधिक उच्च क्वालिटी का भोजन, सहकारी भंडार से ही आएगी हर खाद्य सामग्री

सामग्री की खरीद जेल मुख्यालय की ओर से अनुमोदित दरों के अनुसार होगी। अगर जिला स्तर पर सहकारी उपभोक्ता भंडार नहीं है तो कारागार प्रभारी नजदीकी जिले के सहकारी उपभोक्ता भंडार से एमओयू कर यह व्यवस्था करेंगे। इसके साथ जेल प्रशासन बंदियों के हिसाब से डिमांड भेजेगा। उस हिसाब से विभाग को सामग्री उपलब्ध होगी। पहले मुख्यालय ठेका करता था। इसमें निजी ठेकेदार हिस्सेदारी लेते थे, लेकिन अब सरकार ने सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी उपभोक्ता भंडार से खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए हैं। जेल प्रशासन बकायदा बंदियों के अनुसार डिमांड भेजेगा, फिर सहकारी उपभोक्ता एक महिने का राशन उपलब्ध कराएगा। खाद्य सामग्री को सही ढंग से पैङ्क्षकग कर उन्हें सुरक्षित जेल तक पहुंचाने का लिए लिए सहकारी उपभोक्ता भंडार को भी पाबंद किया गया है।

जांच करके ही लेनी होगी खाद्य सामग्री
जेल मुख्यालय के आदेशों के अनुसार जेल में आने वाले तेल, घी, दाल, मसाले सहित अन्य खाद्य सामग्री उच्च गुणवत्ता वाले, एफएसएसआई मानकों के अनुसार और एगमार्क के ही भेजे जाएंगे। सभी जेलर और उप कारापाल को आदेश हैं कि जेल में खाद्य सामग्री आने से पूर्व वे सभी इनकी जांच करेंगे और उसके बाद ही खाने के लिए इनका प्रयोग किया जाएगा।

वर्तमान में सवा सौ बंदी जिला कारागृह में
वर्तमान में बूंदी जिला कारागृह में सवा सौ बंदी है। क्षमता 354 की है। जेल में बंद बंदियों का सुबह से लेकर शात तक का चाय से लेकर नाश्ता ओर भोजन का समय निर्धारित है। जेल खुलने के साथ बाद सुबह 7 बजे चाय और नाश्ता दिया जाता है। नाश्ते में सात दिनों में अलग-अलग तरह का नाश्ता जैसे पोहा, उपमा, चने आदि दिए जाते हैं। इसके बाद खाना दिया जाता है। खाने में गेहूं की रोटी, दाल एवं सब्जी दी जाती है, जो की सातों दिन अलग-अलग होती है। इसके बाद दोपहर 3 बजे सभी बंदियों को उबले हुए चने तथा शाम को फिर से खाना दिया जाता है।

भोजन की गुणवत्ता में होगा सुधार
सहकारी उपभोक्ता से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और अधिक उत्तम गुणवत्ता की होगी। पहले ठेकेदार राशन वाला ही लेते थे तो वो एक डाइट फिक्स हो जाती थी। डाइट के हिसाब से राशन लाकर देता था।

डेढ़ से दो गुणा बढ़ जाएगी दर
सहकारी उपभोक्ता भंडार से खाद्य सामग्री लेने में जेल का खर्च पहले से डेढ़ से दो गुणा बढ़ जाएगा। खाने पर जो सरकार का खर्च आता है वो अब उपभोक्ता भंडार से लेने में बढ़ जाएगा। उपभोक्ता भंडार बाजार दर से जेल प्रशासन को सामग्री देगा। जबकि पहले टेंडर प्रक्रिया में कंपिटिशन के चलते ठेकेदार दर तय करते थे। पहले 29 से 30 रुपए की डाइट पड़ती थी। जिसमें दो समय का भोजन, चाय, नाश्ता और हर रविवार को खीर या हलवा। ऐसे में अब सहकारी भंडार से लेने में यह खर्च लगभग डेढ़ से दो गुणा बढ़ जाएगा।

सहकारी उपभोक्ता को बढ़ावा देना
जेलों में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों के भोजन के लिए सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए है। ठेका व्यवसाय जेल मुख्यालय ने बंद कर दिया है। बूंदी जिला कारागृह में वर्तमान में सवा तीन सौ बंदी है। सहकारी उपभोक्ता भंडार को बढ़ावा देने की जेल प्रशासन की पहल है।
निरंजन शर्मा, जेल उप अधीक्षक, जिला कारागृह,बूंदी

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

Nashik News: कंबल में लेटाकर प्रेग्‍नेंट महिला को पहुंचाया गया हॉस्पिटल, दिल दहला देने वाला वीडियो हुआ वायरलबीजेपी अध्यक्ष ने LG को लिखा लेटर, कहा - 'खराब STP से जहरीला हो रहा यमुना का पानी, हो रहा सप्लाई'सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले की ईरान ने की तारीफ, कहा - 'हमला करने वाले को एक हजार बार सलाम'58% संक्रामक रोग जलवायु परिवर्तन से हुए बदतर: प्रोफेसर मोरा ने बताया, जलवायु परिवर्तन से है उनके घुटने के दर्द का संबंध14 अगस्त स्मृति दिवस: वो तारीख जब छलनी हुआ भारत मां का सीना, देश के हुए थे दो टुकड़ेआरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का बड़ा बयान, बापू की छोटी सी भूल ने भारत के टुकड़े करा दिएHimachal Pradesh: जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने पर होगी 10 साल की जेल, लगेगा भारी जुर्मानाDGCA ने एयरपोर्ट पर पक्षियों के हमले को रोकने के लिए जारी किया दिशा-निर्देश
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.