जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं रोजाना ग्रामीण

रामगंजबालाजी. क्षेत्र की लालपुरा पंचायत के चार गांवों के ग्रामीण रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करके दूसरे छोर पर जाने को मजबूर है।

By: pankaj joshi

Published: 20 Sep 2020, 06:45 PM IST

जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं रोजाना ग्रामीण
रामगंजबालाजी. क्षेत्र की लालपुरा पंचायत के चार गांवों के ग्रामीण रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करके दूसरे छोर पर जाने को मजबूर है। पिछले कई वर्षों से लगातार पुलिया बनाने की मांग की। लेकिन आज तक सुनवाई नहीं होने के चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार पंचायत मुख्यालय के 4 गांव बागदा, किशनपुरा, संगावदा व जालेड़ा नदी के दूसरे छोर पर पड़ते हैं। ऐसे में पंचायत संबंधित कार्य के लिए गांव के लोगों को बरसात होने के बाद 4 महीने तक जान जोखिम में डालकर नदी के पानी में होकर निकलना पड़ता है। इतना ही नहीं आसपास के गांवों की जमीन नदी के दूसरे छोर पर है। जिसके चलते यहां पर किसानों को रोजाना जानवरों के लिए चारा लेने जाने के लिए व खेतों की देखभाल के लिए नदी पार करके ही जाना पड़ता है। इस मामले को लेकर पिछले कई वर्षों से लालपुरा से बागदा के बीच मांगली नदी पर पुलिया बनाने की मांग चलती आ रही है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। कुछ वर्षा पूर्व एक किसान की भैंस नदी के दूसरे छोर पर जाने के बाद उसे लेने जाने के चलते किसान की नदी में बह जाने से मौत हो गई थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने कभी भी नदी पर पुलिया बनाने की जन्नत नहीं उठाई।
25 किलोमीटर का चक्कर
यहां पर नदी में कुछ लोग जान जोखिम में डालकर निकल जाते हैं, लेकिन जो तैरना नहीं जानते उन लोगों को लालपुरा पंचायत पहुंचने के लिए बूंदी होकर पंचायत मुख्यालय पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर की दूरी 25 किलोमीटर में तय करनी पड़ रही है। इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सरपंचों ने नदी पर पुलिया बनाने का बीड़ा उठाया लेकिन कुछ नहीं हो सका।

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