समय के साथ मजबूत हुआ खुदरा बाजार, लोगों का विश्वास भी बढ़ा

दशकों से खुदरा बाजार के प्रति लोगों का विश्वास और रुझान आज भी कायम है। वहीं समय के साथ ही कुछ परिवर्तन होने के साथ ही यह विश्वास और भी बढ़ा है।

By: pankaj joshi

Published: 13 Sep 2021, 09:31 PM IST

समय के साथ मजबूत हुआ खुदरा बाजार, लोगों का विश्वास भी बढ़ा
होम डिलेवरी की भी सुविधा
बूंदी. दशकों से खुदरा बाजार के प्रति लोगों का विश्वास और रुझान आज भी कायम है। वहीं समय के साथ ही कुछ परिवर्तन होने के साथ ही यह विश्वास और भी बढ़ा है। यही कारण है कि ऑनलाइन चलन के बावजूद आज भी रसोई की जरूरत के सामानों के लिए किराना की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। कोरोना काल में खुदरा बाजार और मजबूती के साथ उभरा है। इसमें नवाचार भी हुए है तो होम डिलेवरी की सुविधा भी लोगों को मिलने लगी।
ग्राहकों के भी विभिन्न स्वरूप
कई ग्राहक तो बरसों से एक ही दुकान से सामान खरीद रहे हंै। कई दुकानदार व खुदरा व्यापारी एक फोन पर घर तक माल पहुंचा देते हैं। व्यापारियों के अनुसार दुकानों पर आकर सामान खरीदने वालों की तादात अधिक है। इसमें ग्राहक अपनी स्वयं की इच्छा से माल देखकर खरीद सकता है। वहीं कुछ लोग समय की बचत के लिए ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं।
बूंदी में 400 किराना दुकानें
बूंदी शहर में करीब 400 किराने की दुकान हैं। इसमें से 200 के करीब थोक एवं खुदरा किराना व्यापार समिति के अंतर्गत आती है। व्यापारी लेखराज गुलाबवानी के अनुसार कितना ही ऑनलाइन का चलन हो, मगर उनके व्यापार व उनके प्रति विश्वास आमजन में भी कायम है। ऑनलाइन खरीदारी कुछ लोग एक-दो बार करते हैं, लेकिन उसके बाद फिर दुकान से ही सामान खरीदते हैं। खुदरा व्यापार कई मायनों में फायदेमंद है।
...तो ऑनलाइन में रहती है धोखाधड़ी की संभावना
खुदरा व्यापार के कई तरह के फायदे ग्राहकों को मिलता है। इससे किसी तरह की ना तो धोखाधड़ी की गुंजाइश रहती है, ना ही तोल-वजन में कम आता है। जबकि ऑनलाइन में कई बार माल कम आने व धोखाधड़ी की संभावना अधिक बनी रहती है।
यह है खुदरा खरीद के फायदे
एक तो ग्राहकों को अपने मनपसंद उच्च क्वालिटी का माल मिलता है।
ग्राहक खुद देखकर खाद्य सामग्री व सामान ले सकता है।
मोल-भाव व तोल धोखाधड़ी की कोई संभावना नहीं रहती है।
कोई चीज खराब आने पर बदली जा सकती है।
कई बार माल वापस भी लेने की व्यवस्था हो जाती है।
उधार में माल लेने की व्यवस्था रहती है।
होम डिलेवरी की भी सुविधा।
खुदरा व्यापारियों के प्रति आमजन का अभी भी विश्वास कायम है। ऑनलाइन में धोखाधड़ी की संभावना बनी रहती है। दुकान में जाने से ग्राहक अपने सामने आसानी से माल खरीद लेता है, वो उस माल का मोल भाव भी कर लेता है। जबकि ऑनलाइन में निर्धारित रेट देनी पड़ती है। हालांकि नई पीढ़ी ऑनलाइन सामान मंगवा रहे है।
कुंजबिहारी भंडारी, सचिव, थोक एवं खुदरा किराना व्यापार समिति, बूंदी

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