अस्थि विसर्जन चंबल में करने के लिए प्रोत्साहन

कोविड़-19 संक्रमण से बचाव के लिए दिवंगत व्यक्तियों के अस्थि विसर्जन चम्बल नदी में करने की सामाजिक पहल के तहत रविवार को निमोदा निवासी सुभाष ने अपनी दिवंगत माताजी बिरधी बाई की अस्थियां केशवरायपाटन केशव घाट पर पहुंचकर चम्बल नदी में विसर्जित की।

By: pankaj joshi

Published: 06 Jul 2020, 09:31 PM IST

अस्थि विसर्जन चंबल में करने के लिए प्रोत्साहन
संभागीय आयुक्त की पहल
बूंदी. केशवरायपाटन. कोविड़-19 संक्रमण से बचाव के लिए दिवंगत व्यक्तियों के अस्थि विसर्जन चम्बल नदी में करने की सामाजिक पहल के तहत रविवार को निमोदा निवासी सुभाष ने अपनी दिवंगत माताजी बिरधी बाई की अस्थियां केशवरायपाटन केशव घाट पर पहुंचकर चम्बल नदी में विसर्जित की। संभागीय आयुक्त के.सी. मीणा की उपस्थिति में अस्थि विसर्जन करवाया गया। संभागीय आयुक्त ने कोविड़-19 संक्रमण के दौरान यात्रा के जोखिम को देखते हुए इसे लेकर समाज के प्रबुद्धजनों से चर्चा की गई थी।
इस दौरान संभागीय आयुक्त ने कहा कि चम्बल नदी धार्मिक रूप से पवित्र है और प्राकृतिक जल का अच्छा स्रोत है। चम्बल नदी का पौराणिक महत्व है। वर्तमान में कोविड-19 का संक्रमण चल रहा है और यात्रा करना जोखिम भरा है। उन्होंने कहा कि हाड़ौती में प्राकृतिक संसाधन बड़ी मात्रा में उपलब्ध है। इनका लाभ सभी समाज के लोगों को मिले। अस्थि विसर्जन व धार्मिक क्रियाकर्मों के लिए काफी दूर जाने से बचा जा सकता है। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध लोगों से समझाइश की। परिवारजन इस पर सहमत हुए और अस्थियां चम्बल नदी में विसर्जित करने का निर्णय किया। इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख महावीर मीणा, देईखेड़ा सरपंच राजकुमार मीणा, देवकिशन मीणा आदि मौजूद रहे।

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