पेट पालने के लिए करना पड़ रहा जतन

लॉकडाउन ने अनेक व्यक्तियों के काम धंधे को बदल दिया हैं। विषधारी के बालमुकुंद गुर्जर ने बताया कि उसके पहले टेंट हाउस की दुकान थी। जो लोग डाउन के चलते बेचकर किराना स्टोर व जूस की दुकान खोली दी है।

By: pankaj joshi

Published: 16 May 2020, 07:42 PM IST

पेट पालने के लिए करना पड़ रहा जतन
आकोदा. लॉकडाउन ने अनेक व्यक्तियों के काम धंधे को बदल दिया हैं। विषधारी के बालमुकुंद गुर्जर ने बताया कि उसके पहले टेंट हाउस की दुकान थी। जो लोग डाउन के चलते बेचकर किराना स्टोर व जूस की दुकान खोली दी है। इसी प्रकार आकोदा के कपड़े के व्यापारी मनोज कुमार सैनी ने बताया कि इस बार शादी ब्याह बंद हो जाने से कपड़ों की दुकान में ग्राहकों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। आकोदा के जूते का दुकानदार धनराज मेघवाल ने कहा कि इस बार सीजन को देखते हुए माल का स्टॉक कर लिया था, जो भरा पड़ा है। कन्हैया लाल गुर्जर व प्रकाश सैनी ने बताया कि पहले हलवाई का काम करता था जो अब मेहनत मजदूरी करके परिवार का पोषण कर रहे है।
मजदूरी के लिए भटक रहे लोग
जजावर. लॉकडाउन में मनरेगा सहित अन्य ग्रामीण विकास कार्य के संचालन में मुख्य भूमिका निभाने वाले पंचायत सचिवालयों का हाल बेहाल है। ऐसे में लोगों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही नजारा सीसोला पंचायत मुख्यालय में देखने को मिली। जहां मजदूर काम मांगने को आए, लेकिन कार्य स्वीकृति के अभाव में मजदूरों को निराश लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार जो कार्य स्वीकृति मिली है, उसके अनुसार कुछ केवल अब तक 552 लोगों को ही मस्टररोल जारी होकर रोजगार मिला है। जबकि ग्यारह सौ से अधिक जॉब कार्ड द्वारा लोगों ने काम मांगा है। सुंवासा, सीसोला, बालापुरा आदि गांवों के लोग कार्य की मांग कर रहे हैं।
इनका कहना है
नई मस्टररोल जारी करने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। लोग काम के लिए भटक रहे हैं। मस्टररोल की स्वीकृति मिलते ही काम लगवाया जाएगा।
धर्मराज मीणा, सरपंच, सीसोला

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