यहां मच गई त्राहि-त्राहि...जानें क्या है कारण

बूंदी शहर में इन दिनों पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगी है। शहर के कई मोहल्लों में लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा।

By: pankaj joshi

Published: 28 May 2021, 09:29 PM IST

यहां मच गई त्राहि-त्राहि...जानें क्या है कारण
नगर परिषद के जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, बढ़ा आक्रोश
शहर के कई हिस्सों में कम दबाव से हो रही जलापूर्ति
बूंदी. बूंदी शहर में इन दिनों पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगी है। शहर के कई मोहल्लों में लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा। यों तो नगर परिषद ने दिखावे के लिए टैंकर डलवाने की भी व्यवस्था कर रखी बताई, लेकिन यह टैंकर कहां डल रहे हैं, इसका भी कोई पूरा रिकॉर्ड संधारित नहीं कर रहा है।
भीषण गर्मी का दौर शुरू होने के साथ ही शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई। नगर परिषद का तो मानों इस ओर कोई ध्यान ही नहीं जा रहा। गुरुवार को शहर के कई हिस्सों में लोगों को पीने का पानी नहीं मिला। कुछ जगहों पर नलों में मटमैला पानी पहुंचा। ऐसे में बाजार से पानी के टैंकर मंगवाकर व्यवस्था करनी पड़ी है। शहर के वार्ड 13 में आनी वाली गणेश गली व कहार मोहल्ïले के लोगों ने बताया कि मात्र 15 मिनट नलों में पानी आया है। जिससे एक-दो बाल्टी पानी भी नसीब नहीं हुआ। टेल के घरों में तो पन्द्रह मिनट भी पानी नहीं पहुंचा है। पार्षद मोनिका शेरगढिया ने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई। लॉकडाउन में अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान दें। नगर परिषद ने लाखों रुपए खर्च करके अमृत योजना के तहत नई पाइप लाइन बिछाई थी, लेकिन इस नई पाइप लाइन का भी लोगों को फिलहाल कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा है।
टैंकर चालक भी कर रहे मनमानी
नगर परिषद ने शहर में टैंकर से भी पानी पहुंचाने की व्यवस्था कर रखी बताई, लेकिन टैंकर से पानी किन लोगों को दिया जा रहा है इसका कोई हिसाब नहीं रख रहा है। जबकि जानकार सूत्रों ने बताया कि जिन मोहल्लों में पानी पहुंचाया जाना है उन जगहों के लोगों से टैंकर की तस्दीक अनिवार्य हैं।
पार्षदों पर चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप
नगर परिषद की टैंकर से पानी पहुंचाने के मामले में लोगों ने चहेतों के घरों में पानी खाली कराने की शिकायत की है। बुधवार और गुरुवार को ऐसे उदाहरण भी सामने आए। जिनकी शिकायत लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों को की। हुआ यों कि लोगों ने पानी नहीं आने की शिकायत पार्षदों से की, इस पर बाद में पता चला कि टैंकर तो आए थे, लेकिन पार्षदों ने अपने परिचितों के घरों में खाली करा दिए।
कहां से लाएं पानी
शहर के लोगों ने बताया कि लॉकडाउन में पीने के पानी की व्यवस्था कहां से करें। घरों के बाहर इन हालातों में जा नहीं सकते। विकास नगर के बाशिंदों ने बताया कि नलों में जलापूर्ति व्यवस्था का समय निर्धारित नहीं रहा। ऐसे में रात-रातभर पानी के लिए जागना पड़ रहा है। यही हाल शहर के कई हिस्सों में बने हुए हैं।
पीडि़तों की जुबानी
गुरुनानक कॉलोनी निवासी महेन्द्र वैष्णव ने बताया कि पीने के पानी की व्यवस्था के लिए टैंकर मंगवाया था, जिसे पार्षद ने अपने घर और चहेतों के घरों में खाली करा दिया। इसका मोबाइल फोन में बनाया वीडियो वैष्णव ने नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को भी दिखाया। इसी प्रकार का वाकया शहर के भारत नगर में हुआ। यहां भी टैंकर आया, जिसे पार्षद ने अपने चहेतों के घरों में खाली करा दिया। जब लोगों ने विरोध किया तो रात पौने 11 बजे फिर टैंकर मंगवाना पड़ा।

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