कंठों पर भारी कायदे...

बिजली निगम ने काट दिए नलकूपों के कनेक्श

By: Suraksha Rajora

Published: 24 May 2018, 05:26 PM IST

बूंदी. गांव तो गांव बूंदी जिला मुख्यालय पर भी लोगों को हलक तर करने के लिए मारा-मारा फिरना पड़ रहा है। शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति ठप हो गई। कुछ हिस्सों में कम दबाव से हो रही जलापूर्ति के कारण पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।

 

इन मोहल्लों में पानी की व्यवस्था के लिए नलकूप भी लगाए गए थे, जिनके बिल जमा नहीं हुए तो बिजली निगम ने कनेक्शन काट दिए। अब लोग पानी के लिए परेशान हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। भीषण गर्मी में भी हाल यह हैं कि लोगों को हैंडपंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।


चार वर्ष पहले नलकूप खोदकर टंकी रखी थी। जलापूर्ति बाधित रहने के दौरान टंकी से ही पानी भर रहे थे। राहगीरों और मवेशियों के लिए भी इसी से पानी की व्यवस्था की जा रही थी। अचानक बिजली निगम के अभियंताओं ने नलकूप का कनेक्शन काट दिया। जबकि इसे रोड लाइट से जोड़ रखा था और रोडलाइन का खर्चा उपभोक्ता वहन करते हैं। अब गर्मी में जल संकट से जूझ रहे हैं। सरकार के लाखों रुपए के उपकरण बेकार हो जाएंगे।


तीन वर्ष पहले विधायक कोष से नलकूप लगा था। यहीं पानी की टंकी भी रखी गई। नलकूप खुदने के बाद लोगों की पानी की समस्या दूर हो गई थी। जलापूर्ति ठप रहने के दौरान सभी इसी नलकूप से पानी भर रहे थे। मवेशियों और राहगीरों को भी पीने का पानी मुहैया हो रहा था।

 

अब बिजली निगम ने कोई पूर्व सूचना इसका कनेक्शन काट दिया। इससे लाखों रुपए के उपकरण बेकार होने के साथ-साथ लोगों को पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ रह है। ६ वर्षों से नलकूप चल रहा था। मोहल्ले के सभी लोग इसी से पानी पी रहे थे।

 

जलापूर्ति कम दबाव से होने के कारण सभी लोग नलकूप से पानी भर रहे थे। इसका कनेक्शन काट दिया। जबकि इसका बिल वसूलने की योजना बनाते। अब उपकरण तो बेकार हो रहे हैं साथ ही लोगों को आधे-आधे किलोमीटर दूर हैंडपंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे भीषण गर्मी में बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई।

 

Suraksha Rajora
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