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Good News: राजस्थान के इस जिले के लिए सुखद संकेत, जानकर आपको भी होगी खुशी

छोटीकाशी बूंदी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का नारा सार्थक सिद्ध हो रहा है। जिले में 2023 में लिंगानुपात में बड़ा सुधार हुआ है।

बूंदीJun 27, 2024 / 06:47 pm

Santosh Trivedi

बूंदी। जिले के लिए यह अच्छा संकेत है। बेटियों के जन्म के यह आंकड़े बदलाव और नई सोच की कहानी लिख रहे हैं। छोटीकाशी बूंदी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का नारा सार्थक सिद्ध हो रहा है। जिले में 2023 में लिंगानुपात में बड़ा सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 तक जिले में एक हजार बेटों पर 970 बेटियों का जन्म हुआ है, जो 2022 के लिंगानुपात के मुकाबले 47 ज्यादा है।
वहीं जिले के बूंदी, हिंडोली ओर तालेड़ा में तो बेटों से भी ज्यादा बेटियां जन्मी है। वहीं कापरेन और नैनवां में बेटे अधिक जन्मे है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जीती रहो बेटियों। पीसीटीएस के आंकड़ों के अनुसार 2022 में बूंदी जिले में एक हजार बेटों पर बेटियों के जन्म का अनुपात 923 था,जो 2023 में ये अनुपात बढ़ कर 970 दर्ज हुआ।

तीन ब्लॉकों में अधिक, दो में पिछड़े


जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में जिले के तीन ब्लॉकों में बेटियों में जन्मदर बेहरतीन रहा है। जबकि गत वर्ष की इन ब्लॉकों में बेटों के जन्म बराबर या उनसे ज्यादा रहे है। बूंदी में 172 बेटों के मुकाबले 197, हिंडोली में 1224 के मुकाबले 1270,तालेड़ा में 608 बेटों के मुकाबले 661 बेटियों की किलकारी गूंजी है। जबकि कापरेन में 1331 बेटों के मुकाबले 1232 बेटियां व नैनवां में 1119 बेेटों के मुकाबले 1061 बेटियां जन्मी है। जबकि बीते पांच सालों 2019 से अब तक तालेड़ा एक मात्र ऐसा ब्लॉक रहा है जहां हमेशा बेटियों बेटों से ज्यादा जन्मी है।

बेटियों की संख्या बढ़ने के यह कारण


● सामाजिक सोच में बदलाव।

● बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में जो पुरानी धारना थी,उस सोच में मानसिक बदलाव आया है।

● पीसीपीएनडीटी एक्ट की सख्ती।
● लोगों में जागरूकता,निगरानी और नियमिति मॉनिटरिंग।

● समय-समय पर सोनोग्राफी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई।

एक्ट की पूर्ण पालना

sex ratio

जिले में बेटों की तुलना में 2023 में बेटियां अधिक जन्मी है। यह लोगों मेें सोच का परिणाम होने के साथ सघन मॉनिटरिंग और अधिनियम अनुसार सेटरों का निरीक्षण, एक्ट की पूर्ण पालना एवं मुखबिर योजना का प्रचार-प्रसार का ही नतीजा है कि जिले में लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है।
जगदीश प्रसाद,जिला कार्यक्रम समन्वयक,(पीसीपीएनडीटी सैल),बूंदी

निगरानी व जागरुकता का परिणाम


जिले के लिए यह अच्छी बात है कि गत वर्ष की तुलना में बेटों से अधिक बेटियां जन्मी है। 2022 में जहां बूंदी जिले में एक हजार बेटों पर जहां 923 बेटियों का जन्म हुआ था, जो 2023 में यह अनुपात बढकऱ 970 दर्ज हुआ। यह सोनोग्राफी सेंटर्स पर भी पूरी निगरानी रखने के साथ चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम का परिणाम है। इसमें आमजन की सकारात्मक सोच भी काम आई।
डॉ.ओपी सामर,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,बूंदी

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