-बाबा घास भैरू की सवारी निकाली
बूंदी. बसोली. हिंडोली उपखंड क्षेत्र के ग्राम सथूर, बड़ोदिया व ठीकरदा में शुक्रवार को भैया दूज के अवसर पर घास भैरू की सवारी निकाली गई, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाकर के लोगों को दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर कर दिया। सवारी को देखने के लिए राज्य भर के विभिन्न जिलों से सैलानी उमड़ पड़े। इन गांवों में सुबह से ही घास भैरू की सवारी देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थानीय कलाकारों द्वारा कांच के गिलासों पर जेसीबी मशीन खड़ी करना, हवा में ट्रैक्टर चलाना, लाग का प्रदर्शन किया गया। सथूर में स्थानीय कलाकारों द्वारा बस स्टैंड से सास बहू के कुंड तक आकर्षक झांकियां बनाई गई। शंकर भगवान की प्रतिमाओं में से पानी निकल रहा था जिसे देखकर लोग अचंभित हो गए। लोगों ने पानी निकलने की कला को खूब पसंद किया। यहां पर जगह-जगह भारी वजनी पत्थर धागों पर लटकाना जैसे करतब दिखाए गए। बडोदिया बाबा काला की बावड़ी में पत्थर की शिला पर बाइक को तैराया गया। कांच के गिलास पर ट्रेलर खड़ा करना, बैल गाड़ी को नोटों पर खड़ा करना, गांव में जगह-जगह पर मचान बनाने के करतब भी लोगों को खूब पसंद आए। शाम के समय सथूर बस स्टैंड से एवं बड़ोदिया में बाबा काला मंदिर से घास भैरू की सवारी रवाना हुई।
हिंडोली. कस्बे में घास भैरव महोत्सव के दौरान कलाकारों ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया। वहीं पर शाम को बैलों की जोड़ी होने घास भैरू को खींचकर फ ाटक से गणेश स्टेडियम तक लाया गया। सुबह से ही घाना का पाड़ा के कलाकारों ने कई हैरतअंगेज करतब की झांकियां सजाई। जिसे देखने के लिए आसपास से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जहां पर झाकियों को देखकर लोगों ने दांतों तले अंगुलियां दबा ली। इस दौरान मनोरंजन कार्यक्रम भी हुए। युवा वर्ग वाहनों पर बैठ कर नाचते गाते मनोरंजन कर रहे थे। शाम को जयकारों के बीच घास भैरू की सवारी निकाली गई, जो कस्बे के विभिन्न मार्गो से होती हुई निकाली।
देई. कस्बे में शुक्रवार को बाबा घास भैरू की सवारी निकाली गई। जिसे देखने के लिए अपार जनसमूह उमड़ा। बाबा के थानक से पूजा अर्चना के साथ सवारी शुरू हुई, जो बस स्टैंड, नई सब्जीमंडी, कुम्हार मोहल्ला,, शीतला माता, घाणा, प्रकाश कुई, लोहडी चौहटी, तेली मोहल्ला होते हुए वापस थानक पर पहुंची। सवारी में रंग बिरंगे बैलों की हुडदंग व जूडी दबाने वालों की होड़ से पल पल रोमांचित बनता रहा।
गोठड़ा. दो दर्जन से अधिक बैलों की जोडिय़ों को बाबा घास भैरू के जोतने के बाद भी बेलों का बार बार पीछे हटना यह दृश्य था ग्राम धोवड़ा में भाई दोज पर बाबा घास भैरू महोत्सव का। घास भैरू के जयकारों से गांव में अलग ही गूंज सुनाई दे रही थी। शुक्रवार दोपहर बाद बालाजी मंदिर पीहर से बाबा घास भैरू की सवारी शुरू हुई, जो जैन मोहल्ला, रैगर मोहल्ला, जांगीड़ मोहल्ला, राजपूत मोहल्ला, पासवान मोहल्ला होते हुए तेजाजी मंदिर यानी ससुराल पहुंचे। गांव के विभिन्न मोहल्लों में एक दर्जन से अधिक आकर्षित झांकियां बनाई गई, जो ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। यहां सूत की रस्सी पर मोटरसाइकिल, ताश के पत्तों व बोतलों पर बाइक को लटकाना, भारी पत्थर को सूत की रस्सी पर लटकाना सहित कई हैरत अंगेज करतबों एवं झांकियों को देखते ही ग्रामीणों का मनोरंजन हो रहा था।

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