जिले में शुरू नहीं हो पा रहे नए उद्योग, प्रशासन ने तालाब गांव व खरायता में रीको को नहीं संभलाया कब्जा

pankaj joshi | Updated: 03 Jul 2019, 01:06:17 PM (IST) Bundi, Bundi, Rajasthan, India

जिले में औद्योगिक विकास की राह में बाधाएं दूर नहीं हो रही है। इसकी बानगी देखें तो बीते बीस सालों में जिले में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना नहीं हो पाई है।

बूंदी. जिले में औद्योगिक विकास की राह में बाधाएं दूर नहीं हो रही है। इसकी बानगी देखें तो बीते बीस सालों में जिले में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना नहीं हो पाई है।
सरकार व प्रशासन की ढिलाई के चलते नए क्षेत्रों में अतिक्रमण व लोगों का दखल विकास में बाधा बना हुआ है। यही कारण है कि वर्ष 2016 में रीको को जिले में तीन जगहों पर भूमि स्वीकृत हुई थी, लेकिन अभी तक उन क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पाया। जरूरतमंदों को रीको की भूमि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नहीं मिल पा रही है। जिले में औद्योगिक विकास की राह में खूब रोडे आ रहे हैं। यही कारण है कि नए रोजगार की राह नहीं खुल रही है।
तीन साल में नहीं मिला कब्जा
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2016 में रीको को तालाबगांव में 17.77 हैक्टेयर, हिण्डोली तहसील के डेरोली में हाइवे से छह किलोमीटर पर 45.42 हैक्टेयर व लाखेरी के खरायता में मेजनदी के पास 165.51 हैक्टेयर भूमि स्वीकृत हुई थी। इन तीन जगहों में से तालाबगांव व खरायता का रीको को अभी तक कब्जा नहीं संभलाया गया है। रीको जिला प्रशासन के साथ मौके पर भी गया, लेकिन सीमाज्ञान नहीं हो सका। रीको के अनुसार जन विरोध के चलते प्रशासन कब्जा संभलाने व सीमाज्ञान करवाने में नाकाम रहा है। वहीं डेरोली में सीमाज्ञान हो चुका है, डी-मार्केशन पिल्लर बनाने का काम चल रहा है।
कैसे लगे नए उद्योग
तालाबगांव व खरायता में रीको को भूमि नहीं मिलने से औद्योगिक विकास पर संकट पैदा हो गया है। जब तक भूमि नहीं मिलेगी, रीको उसे विकासित नहीं कर पाएगा। इन हालातों में जिले में नए उद्योग धंधों पर भी संकट पैदा हो गया है। नए उद्योगों के लिए लोगों को जमीन नहीं मिल रही है।
करेंगे विकसित
भूमि मिलने के बाद रीको की ओर से भूमि पर प्लानिंग की जाती है। प्लॉट तैयार किए जाते हैं। इसके बाद उक्त क्षेत्र में सडक़, बिजली, पानी व सीवर की व्यवस्था की जाती है। रीको एरिया को डवलप करके लोगों को भूखण्ड आवंटित करता है। ऐसे में नए एरिया को भी विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
वर्ष 2000 के पहले का है एरिया
सूत्रों के अनुसार जिले में वर्ष 2000 के पहले औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ था। जिसमें बूंदी में बायपास पर मिस्त्री मार्केट, चित्तौड़ रोड, नैनवां रोड, हट्टीपुरा, सुमेरगंजमंडी व गोविंदपुर बावड़ी शामिल है। इसके बाद नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हुआ। वर्ष 2016 में तीन क्षेत्र स्वीकृत हुए थे, लेकिन अभी तक डवलप नहीं हो सके।
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वर्ष 2016 में रीको को तीन नए एरिया स्वीकृत हुए थे। जिसमें से तालाबगांव व खरायता का जन विरोध के चलते कब्जा नहीं संभलाया है। वहीं डेरोली में सीमाज्ञान व डी-मार्केशन हो गया है। जो एरिया मिला है उसे विकसित करेंगे।
सचिन शर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रीको, बूंदी

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