विद्यालय क्रमोन्ïनत नहीं होने से कलेजे के टुकड़े को डर के साये में भेज रहे स्कूल

एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात कह रही है, वहीं सीसोला पंचायत का सुवासड़ा गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमोन्नत नहीं किया जा रहा।

By: pankaj joshi

Updated: 08 Jul 2019, 01:29 PM IST

जजावर.एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात कह रही है, वहीं सीसोला पंचायत का सुवासड़ा गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमोन्नत नहीं किया जा रहा। पिछले कई वर्षों से यहां के ग्रामीण क्रमोन्नति की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। यहां ग्रामीणों को अपने बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता राष्ट्रीय राजमार्ग 148 डी पर बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की रहती है। इसका प्रमुख कारण उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं होने से उच्च अध्ययन के लिए इसी हाईवे से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीण राजेश बाई, रामेश्वर गुर्जर, सुखपाल प्रजापत, बबलू खान, रूपनारायण प्रजापत ने बताया कि गांव से जजावर विद्यालय 4 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं दूसरी ओर सीसोला विद्यालय भी 5 किलोमीटर की दूरी पर है। दोनों विद्यालय में पहुंचने के लिए एकमात्र विकल्प राष्ट्रीय राजमार्ग 148 डी पर होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में रोजाना बच्चों को छोडऩे के लिए साथ में जाना पड़ रहा है। दुर्घटनाग्रस्त का अंदेशा बना रहता है। विद्यालय 198 4 में स्थापित हुआ था। पिछले तीन वर्षों में नामांकन बढ़ रहा है। सत्र 2019- 20 में कुल नामांकन 70, सत्र 2018 - 19 में 6 6 व सत्र 2017- 18 में 6 4 छात्र-छात्राओं का नामांकन दर्ज था। पूर्व उपसरपंच शिवनारायण गुर्जर ने बताया कि विद्यालय क्रमोन्नति के लिए पहले भी सरकार से मांग की थी, लेकिन ध्यान नहीं दे रहे।
हाईवे पर होकर गुजरना बच्चों के लिए खतरे की बात है। इस समस्या को देखते हुए जल्द प्राथमिक से उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत कराने के प्रस्ताव शिक्षा निदेशक को भेजे जाएंगे।
रामकृष्ण मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, बूंदी

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