कोटा डोरिया की साडिय़ों ने बनाई विदेशों में पहचान

pankaj joshi

Publish: Nov, 10 2018 10:07:14 PM (IST)

Bundi, Rajasthan, India

-खरीद फरोख्त भी की
रोटेदा. कोटा डोरिया की साडिय़ां देश ही नहीं विदेशों में भी पहनी जाने लगी है। विदेशी पर्यटक यहां बनी साडिय़ों को खूब पसंद करते है। बुनकर समुदाय ने इस हस्त बुनकर कला को औद्योगिक परिवेश में बदलाव के बाद भी जीवंत रखा है। रोटेदा कस्बे में कोटा डोरिया की साडिय़ां बुनने का कार्य अधिकाशं घरों में होता है। इन्हें देखने के लिए पर्यटकों की तादाद बढ़ती जा रही है। शनिवार को दो देशों के पर्यटकों ने कोटा डोरिया साडिय़ों के बुनने की कला को जाना एवं जरी की साडिय़ों व दुपट्टों की खरीद फ रोख्त की। गौरतलब है कि गत वर्ष न्यूजीलैंड की विदेशी पर्यटक पीटा रोटेदा आई थी। उसने जब यहां की साडिय़ों की कला को विदेश जाकर दिखाया तो पुन: १८ सदस्यों के दल को साथ लेकर बुनकरों के बीच पहुंची थी। विदेशी पर्यटको के साथ मौजूद वंशवर्धन सिंह ने बताया कि पर्यटकों ने मसुरिया, जरी, डिजाइनिंग व सादा साडिय़ा बनाने की कला को निहारा।
बुनकरों से संवाद कर जानी कला
विदेशी पावणों ने बुनकर शाहिदा परवीन से साड़ी बनाने की कला के बारे में जानकारी ली। परवीन ने बताया कि कस्बे में पांच हजार रुपए लेकर से एक लाख रुपए तक की साडिय़ां तैयार होती है। बुनाई का कार्य अधिकतर कच्चे घरों में किया जाता है।

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