मदद के लिए भटक रहा काछोला का समाज से बहिष्कृत परिवार

मदद के लिए भटक रहा काछोला का समाज से बहिष्कृत परिवार

DEVENDRA DEVERA | Publish: Sep, 02 2018 07:31:27 PM (IST) Bundi, Rajasthan, India

जिले में जातीय पंचायतों के पंच-पटेलों के तुगलकी फरमान कम नहीं हो रहे। हिण्डोली पंचायत समिति के काछोला गांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें एक पढ़े लिखे युवक के अन्य जाति की युवती से विवाह कर लेने पर उसके पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया।

पंच-पटेलों का तुगलकी फरमान : अन्य जाति की युवती से विवाह करने पर नर्सिंग शिक्षक को कर रहे प्रताडि़त
पूरे परिवार का समाज व गांव से बहिष्कार, दो लाख की मांग
बूंदी. जिले में जातीय पंचायतों के पंच-पटेलों के तुगलकी फरमान कम नहीं हो रहे। हिण्डोली पंचायत समिति के काछोला गांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें एक पढ़े लिखे युवक के अन्य जाति की युवती से विवाह कर लेने पर उसके पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया। जबकि वह समाज की पंचायत को पचास हजार रुपए से अधिक राशि दंड स्वरूप दे भी चुके हैं। अब समाज के लोगों ने फिर से दबाव बनाना शुरू कर दिया बताया। अब तो पंच-पटेलों ने हद कर दी। वे पूरे परिवार को परेशान करने लगे हैं और उन्हें जाति में बैठाने के लिए दो लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह पढ़ा लिखा दम्पती यहां-वहां चक्कर काटने को मजबूर हैं। हालांकि उसे अभी कहीं से उम्मीद नजर नहीं आ रही।
शनिवार को बूंदी आए इस पीडि़त परिवार ने आपबीती सुनाई। काछोला निवासी रामपाल रैगर ने बताया कि वह मध्यप्रदेश रतलाम में रहकर नर्सिंग शिक्षक की नौकरी कर रहा है। ११ सितम्बर २०१७ को साथी नर्सिंग शिक्षिका उडीसा के बरगर जिले के मांडोसिल गांव निवासी इंदुमति राणा से विवाह किया था। विवाह बूंदी मजिस्ट्रेट के समक्ष किया था और दोनों के ही घरवाले इसके लिए राजी थे।
जब इस विवाह की जानकारी गांव के पंच-पटेलों को मिली तो उन्होंने पूरे परिवार का बहिष्कार कर दिया। उन्हें जाति से बाहर निकाले जाने का फरमान सुना दिया। पहले तो जैसे-तैसे बात नहीं बिगड़े इसके लिए बार-बार उन्हें दंड के रूप में मांगी जाने वाली राशि देते रहे, लेकिन अब यह राशि अधिक हो गई। यहां रामपाल ने बताया कि दो लाख रुपए देने उनके परिवार के लिए बस का नहीं हैं। पूरे परिवार ने शनिवार को बूंदी पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
पिता-भाई को भी धमकी
गांव में रैगर समाज के पंच-पटेलों का भय रामपाल के घर वालों के लिए भी कम नहीं हो रहा। रामपाल के पिता परसराम, भाई लेखचंद एवं छोटे भाई सत्यनारायण को भी गांव से निकालने की आए दिन धमकियां दे रहे हैं। रामपाल के दोनों भाई तो डर के मारे गांव ही नहीं जा रहे बताए।
खौफ में परिवार
रामपाल का परिवार पूरी तरह खौफ में हैं। वह किसी भी जगह जाने से कतरा रहे हैं। उन्हें लगातार मिल रही धमकियों के बाद अब घर से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है। पीडि़त दम्पती ने बताया कि समाज के पंच-पटेलों ने कहा है कि यदि थाने में रिपोर्ट सौंपी तो फिर गांव में नहीं रह सकेंगे।

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