OMG: खाकी बनती है सारथी तब बैठ पाता है दूल्हा घोड़ी पर राजस्थान के इस जिले से पढ़िए ये ख़बर...

दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देने का मामला सामने आया करवर थाना क्षेत्र के बांसी गांव का मामला

By: Suraksha Rajora

Published: 25 Apr 2018, 02:28 PM IST

करवर (बूंदी). करवर थाना क्षेत्र के बांसी गांव में मंगलवार देर रात दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देने का मामला सामने आया है। ग्रामीण और पुलिस सूत्रों ने बताया कि बांसी में बोरखेड़ा गांव से बारात आई थी। रात को निकासी निकालने के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।

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वे गांव में घूमने के दौरान दूल्हे को घोड़ी से नीचे उतारने की बात पर अड़े रहे। मामला बढ़ता देख दूल्हे के परिजनों ने करवर थाना और बूंदी पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। सूचना पर करवर थानाधिकारी रामगिलास गुर्जर बांसी पहुंचे।

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उन्होंने गांव में पहुंचकर मामले की पड़ताल शुरू की। दूल्हे को घोड़ी पर बैठाया और निकासी शुरू कराई। रात 12 बजे पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। करवर थाना क्षेत्र के बांसी गांव में मामला सामने आने के बाद लोगो में गुस्सा व्याप्त है

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आजादी के ६७ साल बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के मामले सामने आते है बूंदी जिले में लगातार यह तीसरा मामला है जब दलित दूल्हे को निकासी के समय घोड़ी से उतारा गया

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हर बार मामले में पुलिस को दखल देना पड़ता है कई बार लड़ाई झगड़े और संघर्ष की स्थिति पैदा होती है जिससे पुलिस प्रसाशन के लिए मुसीबत बन जाती है पुलिस को मामले में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालना पड़ता है

 

Suraksha Rajora
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