सरकार के प्रति इतना गुस्सा कि नहीं गए नौकरी पर, जानिए ऐसा क्या हुआ

सरकार के प्रति इतना गुस्सा कि नहीं गए नौकरी पर, जानिए ऐसा क्या हुआ

Dhiraj Kumar Sharma | Publish: Sep, 06 2018 06:10:57 PM (IST) Bundi, Rajasthan, India

चिकित्सक व नर्सिंग कर्मियों ने एससी एसटी एक्ट के खिलाफ जताया विरोध


बूंदी. सरकार के प्रति आमजन में तो गुस्सा है ही, लेकिन समाज का उच्च वर्ग चिकित्सक भी सरकार से नाराज है। एससी एसटी एक्ट के विरोध में चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मचारियों, लैब तकनीशियनों सहित अन्य कर्मचारी सरकार के खिलाफ पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

गुरुवार को भारत बंद के आह्वान पर सामान्य व ओबीसी वर्ग के लगभग ३५ चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध जताया। इस कारण अस्पताल में आउटडोर में चिकित्सकों की कमी रोगियों को खलती रही। जो चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध थे उन्हें रोगियों की भीड़ का सामना करना पड़ा। बड़ी संख्या में रोगियों की भीड़ आउटडोर में देखी गई। उपचार में देरी व भीड़ से रोगी भी परेशान नजर आए।

गौरतलब है कि जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों ने एससी एसटी एक्ट के विरोध में गुरुवार को आकस्मिक अवकाश पर रहने का निर्णय किया था। उन्होंने इस मामले में बुधवार शाम को मुख्यमंत्री के नाम जिला अस्पताल के पीएमओ को ज्ञापन दिया था। जिसमें सामान्य व ओबीसी वर्ग के सभी चिकित्सकों के आकस्मिक अवकाश पर रहने की सूचना दी थी। उधर जिला अस्पताल परिसर स्थित टीबी क्लिनिक के कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर रहे।

जिला क्षय रोग निवारण केंद्र में कार्यरत कर्मचारी, लैब तकनीशियन, कोर्डिनेटर सहित अन्य कर्मचारियों ने भी भारत बंद के समर्थन में सामूहिक अवकाश पर रहे। इससे क्षय रोगियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल में चिकित्सक व कर्मचारियों के अवकाश पर रहने से व्यवस्थाएं लडख़ड़ा गई।


जांच कार्य भी प्रभावित
जिला अस्पताल व टीबी क्लिनिक में गुरुवार को उपचार के लिए आए रोगियों को चिकित्सक का परामर्श तो मिल गया। लेकिन रोगियों की सरकारी निशुल्क जांचें नहीं हो पाई। दोनों जगहों की लैब के लैब तकनीशियन सामूहिक अवकाश पर थे। ऐसे में रोगियों की जांच का कार्य भी लगभग ठप ही रहा। रोगियों को जांच के लिए इधर उधर भटकना पड़ा।

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