राजस्थान का रण : सरकार से लडऩे में पांच साल निकाल रहे एमएलए, अब सत्ता का विधायक चाहिए

Narendra Agarwal

Publish: Nov, 06 2018 04:58:10 PM (IST) | Updated: Nov, 06 2018 04:58:11 PM (IST)

Bundi, Bundi, Rajasthan, India

बूंदी जिले का हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र
बूंदी. खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं। उच्च शिक्षा के लिए सरकारी कॉलेज सपना बनकर रह गया। विकास कार्य भी सिर्फ ग्राम पंचायत के भरोसे हैं। युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। और तो और समूचे क्षेत्र की लाइफ लाइन कहा जाने वाला जिले का सबसे बड़ा मिट्टी से बना गुढ़ा बांध भी किसानों का साथ छोड़ रहा है। अब हिण्डोली विधानसभा के लोगों को सत्ता का साथ चाहिए। मतदाताओं का मन टटोलने जब हाइवे 52 किनारे बसे चतरगंज पहुंचे तो लोगों ने कहा कि एमएलए को विपक्ष में बैठते 28 बरस हो गए सा’ब! बस इसी का दंश झेल रहे हैं। विकास के नाम पर दोनों ही राजनीतिक दल पांच वर्ष उलाहना देने के सिवाय कुछ नहीं करते। आज के इस बदलते दौर में विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए भी ताकना पड़ रहा है।
बुजुर्ग रामपाल गुर्जर कहते हैं कि वर्ष 1958 में बना गुढ़ा बांध अब यहां काश्तकारों का साथ नहीं दे रहा। रही सही कसर सरकार इस बांध का पानी देई-नैनवां क्षेत्र को पेयजल के लिए देकर पूरा करना चाहती है। बांध किसानों के लिए बना था और इस पर सिर्फ इन्हीं का अधिकार होना चाहिए। हिण्डोली असिंचित क्षेत्र हैं, ऐसे में बांध के पानी को पीने के लिए रिजर्व रखकर सरकार किसानों का गला घोंट रही है। गुर्जर ने बांध के पानी को नदी में छोडऩे का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में भी अकाल पड़ा था, तब अधिकारियों ने मिलकर इसमें मौजूद 19 फीट पानी को नदी में छोड़ दिया। इसका किसी को लाभ नहीं मिला। इसे नहर में छोड़ते तो करीब 50 गांवों के लोगों को पीने का पानी मिलता और जलस्रोत रिचार्ज होते।
किसान मन्नालाल गुर्जर ने कहा ‘बोरिंग म पाणी तीन सौ फीट प भी न आ रह्यो। सरकार गुढा बांध न मार देगी। बांध पेहल्या ही न भर रह्यो। यहां को किसान ऊकाब हो जावगो’। चतरंगज के ही रामकिशन बैरवा ने कहा कि हिण्डोली का विकास चाहते हैं किसानों के लिए ठोस योजनाएं बने। यहां आजादी के बाद से ही किसी ने ध्यान नहीं दिया। सिंघाड़ी के किसान राधाकिशन गुर्जर व चतरगंज के पृथ्वीराज गुर्जर कहते हैं कि किसी सरकार ने हिण्डोली के विकास पर ध्यान नहीं दिया। हिण्डोली को नगर पालिका तक नहीं बनाया गया। बेटियां आज भी कॉलेज नहीं होने से पढ़ाई छोडऩे को मजबूर हैं।
सथूर पहुंचे तो ग्रामीण चाय की थडिय़ों पर ठाले बैठे दिखे। पूछा तो रामलाल माली बोले कहां जाएं सा’ब। पानी नहीं बरसने से रोजगार ही नहीं मिल रहा। बसोली मोड़ पर पहुंचे जहां रामघणी और राजकरंता से बात की तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। यहां गुस्सा था हाइवे 52 पर अंडर पास नहीं बनना। विकास के सवाल पर दोनों युवतियों ने कहा कि इस मोड़ पर आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई, सरकार के कान पर जंू तक नहीं रेंगी। पास ही खड़े किसान रामकरण मीणा ने कहा कि सरकार ने बड़ानयागांव में मटर मंडी खोल दी, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं किया। जबकि यहां से विधायक रहे प्रभुलाल सैनी तो कृषि मंत्री थे। हिण्डोली के साथ सभी सरकारों ने सौतेला व्यवहार किया।
आगे बढ़े तो रामी की झोंपडिय़ा होते हुए नारायणपुर से डाटूंदा आ गया। यहां कुछ लोग डाटूंदा माताजी के दर्जन करने जा रहे थे। एक पेड़ की छाया में बैठे बिहारी गिरी और राजेंद्र ने कहा कि खेराड़ क्षेत्र में नेता सिर्फ वोट मांगने आते हैं। चिकित्सा सुविधा तक ठीक ढंग से नहीं मिल पाई है। चिकित्सालयों में चिकित्साकर्मी सिर्फ हाजिरी भरने आते हैं। रात को सन्नाटा पसरा रहता है। अबके किसे वोट देंगे? सवाल पर यहां मौजूद राजू लाल ने कहा कि पहले हवा का रुख देखेंगे फिर वोट देने का निर्णय करेंगे। वर्तमान विधायक के कामकाज को लेकर उन्होंने कहा कि एमएलए दमदार है, लेकिन सरकार से काम नहीं करा पाया। या यूं कहे कि सरकार से लडऩे में ही पांच बरस निकाल दिए।

बांध किनारे फिर भी प्यासे
खेराड़ के अंतिम छोर पर बसे खीण्या गांव के ग्रामीण जहाजपुरिया के निकट से गुजर रहे थे, जिन्हें रोक कर चुनावी चर्चा की तो उन्होंने झड़ी लगा दी। किसान मोहनलाल ने कहा कि हमारा गांव भीमलत बांध के किनारे बसा हुआ है फिर भी प्यासा है। यहां किसानों को बांध से लिफ्ट परियोजना के तहत सिंचाई के लिए पानी मिलना चाहिए।

क्षेत्र की आवश्यकताएं
हिण्डोली में सरकारी कॉलेज
गुढ़ा बांध के कैचमेंट से अवरोधक हटें
हाइवे 52 पर पर्याप्त अंडर पास बनें
पेयजल के लिए योजना बने
भीमलत बांध का पानी लिफ्ट से सिंचाई के लिए मिले
हिण्डोली ग्राम पंचायत नगर पालिका बने

फैक्ट फाइल
मतदाता - 246776
पुरुष - 128782
महिला - 117994



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