रोडवेज प्रशासन की अनदेखी से यात्रियों को हो रहा आर्थिक नुकसान,मासिक पास वाले यात्रियों से भी वसूल रहे किराया

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) की नई ईटीएम (मशीन) कुछ इस तरह से अपडाउन करने वाले यात्रियों को पीड़ा दे रही है।

pankaj joshi

29 May 2019, 07:08 PM IST

केस एक
सरकारी कर्मचारी राजूलाल रोडवेज के मासिक पास से प्रतिदिन कोटा से बूंदी के लिए अपडाउन करता है। मंगलवार को बूंदी जाते समय रोडवेज की नई ईटीएम में गलत तिथि फीड होने के कारण उसे अतिरिक्त किराए की चपत लग गई। इस सम्बंध में परिचालक से आपत्ति की तो उसने कोई उचित जवाब नहीं दिया।

केस दो
निजी बैंक में कर्मचारी महेश कुमार प्र्रतिदिन मासिक पास से कोटा से बूंदी के लिए अपडाउन करते हैं। सोमवार शाम को कोटा के लिए रोडवेज बस में रवाना हुए। नई ईटीएम से टिकट काट कर दिया तो उसमें अगले दिन की तिथि अंकित थी। इसके चलते उन्हें अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ा।

बूंदी. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) की नई ईटीएम (मशीन) कुछ इस तरह से अपडाउन करने वाले यात्रियों को पीड़ा दे रही है। यह केस तो बानगी भर हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों को इस तरह की चपत लग रही है। इस सम्बंध में आपत्ति जताने के बावजूद कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। रोडवेज प्रशासन की अनदेखी आम यात्रियों पर भारी पड़ रही है।
यह आ रही दिक्कत
राजस्थान रोडवेज के सभी डिपो में कुछ समय पहले नई ईटीएम मशीन टिकट काटने के लिए उपलब्ध कराई गई है। यह मशीन पूर्व की मशीन की तुलना में आधुनिक है। इस मशीन को परिचालकों को थमा कर रवाना कर दिया जाता है, लेकिन उसमें फीड हो रही तिथि को सही नहीं किया जाता। कई मशीनों में अगले दिन की तिथि व समय फीड कर रखा है। जब अपडाउन करने वाला यात्री पास दिखाकर टिकट लेता है, तो इस गड़बड़ी का पता चलता है। तब तक यात्री को आर्थिक नुकसान हो चुका होता है।
बचत की जगह हो रहा नुकसान
मासिक पास पर अपडाउन करने वाले यात्रियों ने बताया कि प्रतिदिन कार्य पर जाने की वजह से रोडवेज का मासिक पास बना रखा है। मासिक पास में आधा किराया लगता है। नई ईटीएम मशीन से बचत की जगह नुकसान हो रहा है।
बसों में रोजाना हो रही नोकझोंक
ईटीएम में आगामी तिथि का टिकट कटने से प्रतिदिन मासिक पासधारी यात्री व रोडवेज परिचालक के बीच नोकझोंक हो रही है। मशीन में अगले दिन की तिथि अंकित होने से यात्री को उस दिन की यात्रा करने पर नकद किराया देना पड़ता है। ऐसे में टिकट हाथ में आते ही दोनों में विवाद हो जाता है।

-बस लेकर रवाना होने पर डिपो से ईटीएम मशीन दी जाती है। मशीन में जो तिथि अंकित होती है उसी के आधार पर टिकट बनता है। इस मामले में परिचालक कुछ भी नहीं कर सकता।
सोमनाथ कुमार, परिचालक रोडवेज
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सर्वर में जो तारीख आती है वो ही मशीन में आती है। सर्वर में कभी-कभी दिक्कत आ जाती है। बूंदी वाले परिचालकों को बोल रखा है इस तरह के केस में यात्री को परेशानी ना हो। परिचालक नोट डालकर यात्री को ला सकता है। यात्री भी शुल्क जमा की रसीद साथ में रखें।
घनश्याम गौड, मुख्य प्रबंधक रोडवेज बूंदी.

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