उच्च पदों पर आसीन विद्यार्थी अब बांटेंगे अपने अनुभव

सरकारी स्कूलों में पढक़र निकले छात्र जल्द ही अपने ही स्कूलों में युवाओं को अपने ज्ञान का अनुभव बांटते हुए नजर आएंगे।

By: Narendra

Published: 13 Mar 2018, 12:35 PM IST

बूंदी. सरकारी स्कूलों में पढक़र निकले छात्र जल्द ही अपने ही स्कूलों में युवाओं को अपने ज्ञान का अनुभव बांटते हुए नजर आएंगे। इसके लिए सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में होने वाले ‘एल्यूमिनाई मीट’ की तर्ज पर जिले के सरकारी विद्यालयों में ‘सखा सगंम’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिसके तहत विद्यालयों से अध्ययन कर निकले उच्च पदों पर आसीन छात्र अपने विद्यालय में युवाओं को अपने अनुभव की जानकारी देंगे। जिसके लिए जिले के विद्यालय के संस्था प्रधानों ने पूर्व छात्रों की जानकारी एकत्रित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। जिसका मुख्य कार्यक्रम २९ अप्रेल को आयोजित होगा।
शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से नित नए प्रयास किए जा रहे है। इसके तहत जिले के सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को बौद्धिक विकास को बढ़ाने व विद्यालय विकास के लिए हर स्कूल में ‘पूर्व विद्यार्थी परिषद’ का गठन किया गया है। योजना के माध्यम से पूर्व छात्र स्क्ूलों के छात्रों को अपने अनुभव का लाभ देंगे। उक्त कार्यक्रम सभी राजकीय माध्यामिक व उच्च माध्यामिक विद्यालय में सम्पन्न कराए जाएंगे।

पूर्व विद्यार्थी मंच का होगा गठन
कार्यक्रम दौरान पुराने विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम सत्र के अंत तक कराना होगा। राजकीय विद्यालयों में सखा संगम कार्यक्रम आयोजित कराने का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के शैक्षणिक एवं भौतिक विकास को निरंतरता प्रदान करने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी बनाई जाना है। इसके लिए विद्यालयों में पूर्व विद्यार्थी मंच का गठन किया जाएगा। इस मंच के माध्यम से हर वर्ष सखा संगम कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा।

जनसहयोग से जुटाई जाएगी राशि
विद्यालय के विकास में आर्थिक सहयोग करने वाले पूर्व विद्यार्थियों को परिषद के सदस्य ऑनलादन भी भुगतान कर सकते है। इसके लिए विद्यालय विकास में सहायोग करने वालों को आयकर अधिनियम की धारा-८० (जी) में भी छूट दी जाएगी। वहीं जनसहयोग से विद्यालय विकास के लिए राशि जुटाने के लिए सहयोग किया जाएगा। जिसका दान पहले मुख्यमंत्री विद्याधन दान कोष में जाएगा। उसके बाद स्कूल में ट्रासंफर होगा। राज्य स्तर पर पूर्व विद्यार्थी मंच के सदस्यों को वर्तमान कार्यक्षेत्र व सम्पर्क सूत्र की सूचना एकत्रित करने के लिए एक प्रपत्र तैयार किया गया है। पूर्व विद्यार्थी परिषद सदस्यों को विद्यालय विकास में सहयोगी बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन प्लेटफार्म ज्ञान संकल्प पोर्टल बनाया गया है।

योजना का मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम अधिकारी उम्मे हबीबा ने बताया कि राजकीय विद्यालय मे सखा-संगम योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालय से पढक़र निकले और उच्च पदों पर आसीन विद्यार्थियों के अनुभवों का लाभ विद्यार्थी जीवन में छात्रों को भी दिलाना है। जिससे छात्रों का भविष्य संवर सके। जो छात्र आज इंजीनियर, डाक्टर एवं आईपीएस पदों पर आसीन है वे छात्र अपने अनुभवों व प्रतियोगिता परीक्षा के बारे में जानकारी देंगे।

जुटाई जाएगी जानकारी
अक्षय तृतीया में ग्रामीण क्षेत्र में होने वालेे अबूझ सावों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पूर्व के छात्रों को चिंहित करने को लेकर एक टीम गठित कर दी। विद्यालय से जाने वाली टीम इन सावों में छात्रों के अभिभावकों से मिलकर छात्रों के संबध में जानकारी जुटाएंगे।

रमसा बूंदी के अतिरिक्त जिला परियोजना अधिकारी सतीश जोशी का कहना है कि जिले के सरकारी स्कूलों में सखा सगंम कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिसके लिए विभाग ने प्रकिया शुरू कर दी है। अप्रेल-मई तक स्कूलों में सम्मेलन आयोजित होंगे। पूर्व के छात्रों को चिंहित करने का कार्य शुरू कर दिया है।



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