ओवरब्रिज का निर्माण अटका, अब हो सकता है और विलम्ब

कोटा-लालसोट मेगा हाई-वे के पापड़ी रेलवे फाटक पर डेढ़ साल से बंद पडे ओवरब्रिज के निर्माण में और विलम्ब हो सकता है।

By: Narendra Agarwal

Published: 10 Jul 2019, 01:24 PM IST

लाखेरी. कोटा-लालसोट मेगा हाई-वे के पापड़ी रेलवे फाटक पर डेढ़ साल से बंद पडे ओवरब्रिज के निर्माण में और विलम्ब हो सकता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से निविदा आमंत्रण के दौरान एक ही निविदा आने से प्रक्रिया दोबारा होगी। पापड़ी रेलवे फाटक पर करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे व सार्वजनिक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से रेलवे लाइनों के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण करवाना था। ओवरब्रिज निर्माण को लेकर रेलवे को करीब 13 करोड़ रुपए व पीडब्ल्यूडी को 27 करोड का कार्य करना था। वर्ष 2017 के अंत में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया। मौके पर खुदाई भी करवा दी। बाद में बजरी पर प्रतिबंध लगने से निर्माण बंद हो गया, जो अभी तक भी बंद ही पड़ा हुआ है। वहीं रेलवे के हिस्से का निर्माण वर्तमान में भी चल रहा है, जिसके शीघ्र पूर्ण होने की संभावना है। ओवरब्रिज निर्माण को लेकर विभाग के संवेदक ने उस समय ही हाथ खड़े कर दिए थे और अपने साजों सामान वहां से हटा लिए थे। बाद में विधानसभा चुनाव व लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान निविदा प्रकिया में विलम्ब होता रहा। अभी तक ओवरब्रिज निर्माण अधरझूल में अटका हुआ है। लोकसभा चुनाव से पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पुन: निविदा की प्रक्रिया शुरू की थी। निविदाएं तो आमंत्रित कर ली गई, लेकिन निर्माण को लेकर एक ही निविदा आने से मामला अटक गया। विभाग अब दोबारा निविदा प्रकिया शुरू करेगा। इससे कार्य में विलम्ब होगा।
ओवरब्रिज निर्माण को लेकर निविदाएं आमंत्रित की गई थी। एक ही निविदा आने से दोबारा निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बहादुर सिंह, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग

निरीक्षण कर ली कानून व्यवस्था की जानकारी : संभागीय आयुक्त कोटा एलएन सोनी ने मंगलवार को यहां उपखण्ड कार्यालय व पुलिस थाने का निरीक्षण कर कानून एवं व्यवस्था की जानकारी ली। दोपहर 3 बजे आयुक्त सोनी उपखण्ड कार्यालय पहुंचे और उपखण्ड अधिकारी गोवरधन मीणा से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं, बुवाई की स्थिति, बरसात की स्थिति, जलाशयों मे पानी की आवक, रोडा एक्ट आदि के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बाद में वह पुलिस थाने पहुंचे। यहां पुलिस गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद थानाधिकारी सुरेशचंद गुर्जर से हथियार लाइसेंस, मालखाना, थाने में हथियारों की स्थिति, रिकार्ड रूम, एचएस फाइलों का अवलोकन कर चर्चा की।

Narendra Agarwal Desk
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