फाइल ऐसी दबी कि सात साल बाद भी बाहर नहीं निकल पाई

फाइल ऐसी दबी कि सात साल बाद भी बाहर नहीं निकल पाई

Devendra Singh Devra | Publish: Feb, 15 2018 03:39:39 PM (IST) Bundi, Rajasthan, India

बड़ानयागांव में आयुर्वेदिक औषधि उद्यान बनना क्षेत्र की जनता के लिए सपना बनकर रह गया, 2010 में हुआ था जमीन का आवंटन, लेकिन नहीं हुआ निर्माण

बड़ानयागांव. बड़ा नया गांव में आयुर्वेदिक औषधि उद्यान बनना क्षेत्र की जनता के लिए सपना बनकर रह गया है। जमीन आवंटन के 7 वर्ष बाद भी आयुर्वेदिक औषधि उद्यान का निर्माण नहीं हो पाया है। सरकार द्वारा बड़ानयागांव में आयुर्वेदिक औषधि उद्यान बनाने की घोषणा के बाद हिंडोली तहसील प्रशासन द्वारा वर्ष 2010 में बड़ानयागांव के आठवां मील के निकट 10 बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर व जमीन के चारों और जेशीबी मशीन से खाई खुदवाकर जमीन का कब्जा आयुर्वेदिक विभाग को सौंपा था, लेकिन जमीन आवटंन के बाद आयुर्वेदिक विभाग द्वारा आयुर्वेदिक औषधि उद्यान का निर्माण नहीं कराने से जमीन में वापस अतिक्रमण कर अतिक्रमियों ने खेती करना शुरू कर दिया है।

यह सब कुछ आंखों के सामने तमाशा देखने के बावजूद भी आयुर्वेदिक विभाग द्वारा अपनी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त नहीं करवाया जा रहा है जिससे अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं।

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खाई को वापस भरा
आयुर्वेदिक औषधि उद्यान के लिए आवंटित जमीन में वर्ष 2010 में हिंडोली तहसील प्रशासन ने जमीन के चारों और खाई खुदवाई थी, ताकि वापस जमीन पर अतिक्रमण नहीं हो लेकिन अति कर्मियों ने खाई को वापस भर दिया है जिसे आवंटित जमीन में खाई भी नजर नहीं आती और जमीन में खेती की जा रही है।

आयुर्वेदिक विभाग का बोर्ड भी गायब
आयुर्वेदिक विभाग द्वारा जमीन आवंटन के बाद अपनी जमीन का बोर्ड लगाया था, लेकिन अतिक्रमियों के हौसले इस कदर बुलंद है कि बोर्ड भी जमीन से उखाड़ कर गायब कर दिया है लेकिन इसके बावजूद भी आयुर्वेदिक विभाग नींद में सो रहा है।


बड़ानयागांव में आवंटित जमीन में आयुर्वेदिक औषधि उधान का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज रखे हैं। बजट मिलते ही जमीन से अतिक्रमण हटाकर आयुर्वेदिक औषधि उद्यान का निर्माण करवाया जाएगा।
कृष्ण मुरारी रेवाल जिला आयुर्वेदिक अधिकारी बूंदी

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