कुरेल नदी में पानी, दो गांव बन गए टापू

प्रसूता को नाव में बैठाकर बूंदी पहुंचाया, मार्ग की पुलियाओं पर करीब 15 से 20 फीट पानी

By: Abhishek ojha

Published: 20 Sep 2021, 09:24 PM IST

रामगंजबालाजी. क्षेत्र की कुरेल नदी में पानी आने के बाद नदी की पुलिया डूबने से एबरा गांव पानी से घिर गया। दो गांवों के रास्ते बिल्कुल बंद हो गए। कुरेल नदी में पानी की आवक बढऩे के साथ ही ऐबरा, बन का खेड़ा गांव टापू बन गए। जिससे यहां पर लोगों को पिछले कई वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कभी भी कोई गंभीर बीमार होने के बाद नदी की पुलिया डूबते ही लोगों को नदी में तैर कर दूसरे छोर पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी बनी हुई है।
इस कारण बनी स्थिति
कुरेल नदी पर ऐबरा-रायथल मार्ग की पुलिया पर लगभग 20 फीट से अधिक पानी होने से गत दो दिन से मार्ग अवरुद्ध है। वहीं ऐबरा से झुवासा जाने वाले काल्याखाळ पर भी 15 फीट पानी की आवक से ऐबरा व बन का खेड़ा के सभी मार्ग बंद है। इसके चलते दोनों गांव टापू बने हुए हैं।
नाव से लाए प्रसूता को
कुरेल नदी में पानी की आवक से एक प्रसूता फंस गई। सोमवार सुबह ऐबरा गांव निवासी सोनिया मीणा (21) पत्नी रामविलास के रविवार रात से ही प्रसव पीड़ा हो रही थी। परिजन नदी की पुलिया पर लगभग 20 फीट पानी होने के चलते बेबस नजर आए। ऐसे में उन्होंने इसकी सूचना बूंदी राजेंद्र जोशी को दी। ग्रामीणों ने सुबह कंट्रोल रूम पर रेस्क्यू टीम बुलाने के लिए सूचना दी। रेस्क्यू टीम के सदस्य बिना संसाधन के ट्यूब लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन खाळ में 15 फीट पानी होने के चलते महिला को नहीं ला सके। ऐसे में बाद में बूंदी से दल के सदस्य नाव लेकर मौके पर पहुंचे, जहां पर सुबह 10 बजे बाद महिला को नाव में बैठाकर दूसरे किनारे लाया गया। जहां से महिला को झुवासा होते हुए बूंदी जिला अस्पताल में पहुंचाया गया।

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