700 लीटर दूध से हुआ अभिषेक, सैकड़ों भक्तों ने ली 56 भोग की प्रसादी

- पाटोत्सव

बुरहानपुर. सिलमपुरा में भगवान स्वामिनारायण मंदिर में लक्ष्मीनारायण देव का 190वां पाटोत्सव हुआ। गुजरात से आए साधू संतों और भक्तों ने सूर्यपुत्री ताप्ती के पवित्र जल को लाकर 701 लीटर दूध, केसर, शकर, फलों के ज्यूस, इत्र आदि से जलाभिषेक कर आरती पूजन कर 56 भोग लगाए।
पाटोत्सव के इस अवसर पर सदगुरू शास्त्री राजेंद्र प्रसाददास ने कहा जहां तन और मन की शुद्धि के लिए सफाई आवश्यक है वहीं मन की शुद्धि के लिए सत्संग और तन की सफाई के लिए पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को अपनाने की सलाह दी।
मंदिर के मीडिया प्रभारी गोपाल देवकर ने बताया कि स्वामिनारायण मंदिर में लक्ष्मीनारायण देव जो कि स्वयं स्वामिनारायण भगवान ने अपने हाथों से मूर्ती की स्थापना की थी, जिसे 190 वर्ष पूर्ण हुए। इस अवसर पर हरीभक्तों ने सूर्य पुत्री ताप्ती नदी के राजघाट पंहुचकर नौकाविहार कर भगवान स्वामिनारायण वर्णीय अवतार में जिस हाथी नुमा पत्थर पर बैठ दही रोटी खाई थी, उसी पत्थर के चरण स्पर्श कर उस पर बैठ हरीभक्तों को आशीर्वाद भी दिए तो वहीं सदगुरू शास्त्री राजेंद्र प्रसाददास ने जहां सत्संग को मन की शुद्धि का अच्छा उपाय बताया तो वहीं तन और आस.पास की शुद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान को अपनाने की सलाह भी दी तो ताप्ती से लाया जल से जलाभिषेक भी किया। इसी अवसर पर भक्तों ने भगवान को 56 भोग लगाकर लक्ष्मीनारायण देव का 190वां पाटोत्सव जन्मोत्सवद्ध मनाया। इस अवसर पर मेतपुर सत्संग मंडल के कौशिक भाई ने भगवान के दर्शन और पाटोत्सव कर अपने आपको धन्य माना और अगले वर्ष हरीकृष्ण महाराज के 150वें पाटोत्सव के लिए भी सत्संग मंडल के साथ आने की बात कही। इस अवसर पर गुजरात से करीब 100 संत पधारे और मुंबई, गुजरात से करीब 200 हरीभक्तों ने इस पाटोत्सव का लाभ लिया। इस अवसर पर मंदिर के कोठारी पीपी स्वामी ने सभी का आभार माना। इस अवसर पर ट्रस्टीज सोमेश्वर मर्चेंट, किशोर भाई शाह, रामकिसनदास मिस्त्री, वडताल मंदिर के मैनेजिंग बोर्ड के सदस्य घनश्याम भगत सहित सैकड़ों हरीभक्त मौजूद थे।

ranjeet pardeshi Bureau Incharge
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