गर्मी में भगवान के लिए एसी, सुगंधित फव्वारों के साथ ठंडे दूध का भोग

- धर्म संवाद
- पहना रहे हलके परिधान

By: ranjeet pardeshi

Updated: 20 May 2021, 11:31 AM IST

बुरहानपुर. 42 डिग्री के पारे के बीच जहां हर व्यक्ति गर्मी से बचने के लिए तरह तरह के जतन कर रहा है। वहीं भक्त भी अपने प्रभु की ङ्क्षचता में दिख रहे हैं। जहां मंदिरों में पूजा स्थलों पर अपने इष्ट देव को गर्मी से बचाने के लिए कही एसी लगा रखे हैं, तो कही सुगंधित फव्वारे छोड़े जा रहे हैं, ताकि शीतल वातावरण बना रहे। यहां तक उनके परिधानों में भी बदलाव किया है।
गर्मी में हलके परिधान पहना रहे हैं, तो कही सुंगधित चंदन का लेप लगाकर आभूषण न पहनाकर केवल मोती का माला पहना रहे हैं। यहां तक इस गर्मी के बीच भगवान को सुबह शाम लगने वाले नेवैद्य को भी बदला गया है। दोपहर में निंबू शरबत का भी भोग लग रहा है।

श्री गोकुलचंद्रमा मंदिर
इतवारा स्थित श्री गोकुलचंद्रमा मंदिर में गुड्डु भाई मुखिया ने बतया कि गर्मी में ठाकोरजी के लिए विशेष व्यवस्था की है। यह हमारी आस्था अनुसार किया है। ठाकोरजी के लस्सी, दूध से स्पेशल बनी हुई आइस्क्रीम, केसर युक्त ठंडा दूध, शरबत, शिकंजी, मौसमी फलों का भोग लगाया जा रहा है। गर्भगृह को भी ऐसी के जरिए ठंडा किया जा रहा है। पूजन में भी सुगंधित चंदन का उपयोग करते हैं। भगवान के श्रृंगार और शयन संस्कार के दौरान पहनाए जाने वाले वस्त्रों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
श्री राधा वल्लभ मंदिर
सिलमपुरा स्थित श्री राधा वल्लभ मंदिर में भी गर्मी को देखते हुए विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर के शैलेंद्र मुखिया ने बताया कि भगवान को गुलाब जल मिलाकर शरबत का भोग सुबह के समय लगाते हैं। शरबत में काजू, बादाम, पिस्ता आदि मिलाए जाते हैं। श्वेत सूती वस्त्र श्रृंगार किया जाता है। अभी ग्रीष्म ऋतु में श्रीजी के समक्ष शितल जल का फुवार कूलर में ठंडी वायु के बीच आम खरबूजा, आम रस ऐसे भिन्न भिन्न भोग लगाया जा रहा है।

ranjeet pardeshi Bureau Incharge
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