भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चौहान ने अपने इस्तीफे की पेशकश की

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चौहान ने अपने इस्तीफे की पेशकश की

ranjeet pardeshi | Publish: Apr, 17 2018 09:34:16 PM (IST) Burhanpur, Madhya Pradesh, India

सीएम ने बताया कि नंदकुमार चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र में काम करने का आग्रह किया है, और उनके इस आग्रह पर विचार किया जाएगा।

बुरहानपुर. माना जा रहा है कि नंदकमार चौहान का इस्तीफा मुख्यमंत्री को मिल गया है और उसे आज होने वाली कार्यसमिति की बैठक में रखा जाएगा। उसके बाद नए अध्यक्ष की घोषणा का रास्ता साफ हो जाएगा। संभव है कि देर रात नए अध्यक्ष का नाम घोषित कर दिया जाए।

खरगोन में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अब अपने संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। सीएम के इस बयान के साथ ही इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवराज सिंह का ये बयान, नंदकुमार सिंह की वापसी का संकेत हो सकता है। सीएम ने बताया कि नंदकुमार चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र में काम करने का आग्रह किया है, और उनके इस आग्रह पर विचार किया जाएगा।

पहले से चल रही है हटाए जाने की चर्चा
हालांकि ये पहली बार नहीं है, जबकि नंदकुमार सिंह चौहान को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की सरगर्मियां तेज हुई हों, लगभग दो महीने से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदले जाने की चर्चा जारी है। माना जा रहा है कि पिछले दो चुनावों के सक्सेस रेट को देखते हुए 2018 में भी शिवराज सिंह और नरेन्द्र सिंह तोमर की जोड़ी चुनावी साल में पार्टी की स्टेयरिंग थाम सकती है। तोमर को वापस लाने के लिए ही नंदकुमार सिंह चौहान को हटाए जाने की चर्चा भी जोर पकड़ चुकी है, अब सीएम के ताज़ा बयान के बाद ये माना जा रहा है कि जल्द ही पार्टी के शीर्ष पद पर फेरबदल देखने को मिल सकता है।

अंदरूनी समस्याओं से निपटना बड़ी चुनौती
बीते दो सालों में भारतीय जनता पार्टी के लिए आने वाले चुनावों के लिए मुश्किलें बढ़ती ही आई हैं, मंदसौर आंदोलन, कर्ज़ माफी, फसलों का सही मूल्य ना मिलना, कमज़ोर कानून व्यवस्था और विधायकों से नाराज़गी जैसे मुद्दे पार्टी के सामने चुनौती बनकर खड़े हैं। माना जा रहा है कि नंदकुमार सिंह ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं निकाल पाएंगे, वहीं नरेन्द्र सिंह तोमर इस स्थिति के लिए बिल्कुल मुफीद मालूम होते हैं।

भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक सर्वे में भी ये बात सामने आ चुकी है, कि सही कैंडिडेट के साथ चुनाव न लड़ना पार्टी के भारी साबित हो सकती है, वहीं उपचुनाव के नतीजे भी भाजपा को खासा परेशान करने वाले साबित हुए हैं। इन तमाम परिस्थितियों को भले ही नंदकुमार सिंह हैंडल न कर पाएं, लेकिन नरेन्द्र सिंह तोमर संकटमोचक का काम जरूर कर सकते हैं।

वैसे सूत्रों की मानें तो मध्य प्रदेश के कई बड़े नेता चाहते हैं कि पार्टी नंद कुमार सिंह चौहान की अगुवाई में ही चुनाव लड़े, लेकिन इस बात के आसार कम ही नज़र आते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को लेकर पिछले काफी समय से पार्टी में खींचतान चल रही है। इतना ही नहीं नंद कुमार सिंह चौहान के नेतृत्व में पार्टी पिछले उपचुनाव भी हार चुकी है।

हालांकि प्रदेश अध्यक्ष की रेस में जो नाम आगे बताए जा रहे हैं उनमें कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह के अलावा बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का है, लेकिन सबसे ऊपर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम ही नज़र आता है।

नंदकुमारसिंह चौहान के भतीजे सुजयसिंह चौहान से हुई चर्चा के मुताबिक उन्होंने कहा कि नंदकुमारसिंह चौहान ने मौखिक रूप से सीएम को इस्तीफे देने की बात की है। अभी लिखित में नहीं दिया है। कल बैठक में तय होगा।

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