एटीएम मशीनों में कैश खत्म, निजीकरण के विरोध में सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

- बैंकों की हड़ताल

By: Amiruddin Ahmad

Published: 17 Mar 2021, 12:13 AM IST

बुरहानपुर. शहर के एटीएम मशीनों में कैश खत्म होते ही ताले लटके नजर आए। 4 दिनों से बैंकों में लेनदेन नहीं होने के कारण कई जरूरतमंद लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। क्योकि निजीकरण के विरोध में दूसरी दिन भी बैंकों की हड़ताल जारी रही। बैंक कर्मचारियों ने भी दो दिनों का वेतन नहीं लेने का निर्णय लिया है।
बुधवार से सभी बैंक नियमित खुलेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर ताले राष्ट्रीय बैंकों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इंदिरा कॉलोनी बैंक ऑफ इंडिया शाखा के बाहर एकत्रित होकर निजीकरण और बैंकों का विलय किए जाने का विरोध जताया साथ ही निजीकरण के कारण जनता को होने वाले नुकसान के प्रति भी जागरूक किया गया।यूनियन के इसीएम अरूण मिश्रा ने कहा कि देशभर में बैंकों के 10 लाख कर्मचारी सरकार की नीतियों के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देने के कारण दो दिन की हड़ताल करनी पड़ रही है। दो दिनों के अंदर एक अनुमान के तहत जिले में करीब ९० करोड़ से अधिक का लेन देन का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस लिए बैंक कर्मचारी हड़ताल के दो दिनों का वेतन नहीं लेंगे।
एटीएम मशीनों में लटके तालें
पिछले ४ दिनों से राष्ट्रीय बैंकों के ताले नहीं खुलें। शनिवार, रविवार अवकाश और सोमवार, मंगलवार हड़ताल होने के कारण शहर के एटीएम मशीनों पर कैश खत्म हो गया।मंगलवार को सिंधीबस्ती, इंदिरा कॉलोनी, शनवारा सहित जयस्तंभ क्षेत्र के एटीएम मशीनों पर ताले लटके नजर आए। जिन एटीएम मशीनों में कैश बचा था वहां पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।

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