अब शहर व गांवों में तेजी से फैल रहा डेंगू, एक दिन में मिले 8 मरीज

कोराना ने नाक, कान गले के विशेषज्ञ को लिया चपेट में
इंदिरा कॉलोनी में तीन, सिंधी बस्ती में चार और नेपा में एक मरीज मिला
कोरोना के साथ डेंगू का कहर - स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे कर दिया शुरू

By: tarunendra chauhan

Published: 11 Oct 2020, 12:27 PM IST

बुरहानपुर. कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी के साथ ही डेंगू ने भी पैर पसार लिए हैं। अब तक कोरोना के जहां 700 से अधिक मरीजों की संख्या पहुंच गई, वहीं डेंगू ने भी चिंता बढ़ा दी। अब तक 8 डेंगू के मरीज पाए जा चुके हैं, इसमें सिंधीबस्ती में 4, इंदिरा कॉलोनी में 3 और नेपानगर में 1 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिला है। जबकि संदिग्ध असंख्यक हैं। इधर शनिवार को कोरोना के तीन मरीज और मिले, इसमें कान, नाक, गला विशेष डॉक्टर सहित उनकी पत्नी और बेटा संक्रमित हुए हैं।

डेंगू के लगातार मरीज बढ़ रहे हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिन बुरहानपुर वालों के लिए कितने मुश्किल हो सकते हंै। बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले पंद्रह दिन में ज्यादा मरीज सामने आए हैं।

यह हैं डेंगू के लक्षण
डेंगू मच्छर काटने के बाद इसका इन्क्युबेशन पीरियड 3 से 15 दिनों तक रहता है।
डेंगू की शुरुआत तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से होती है।
शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है।
अचानक शरीर का तापमान 104 डिग्री और ब्लड प्रेशर भी नार्मल से बहुत कम हो जाता है।
आंखें लाल, स्किन का रंग गुलाबी और गले के पास की लिम्फ नोड सूज जाते हैं।
डेंगू बुखार कई प्रकार का होता है, जिसमें हिमोरेगिक बुखार सबसे खतरनाक माना गया है।
बुखार के साथ-साथ शरीर में खून की कमी हो जाती है।
नाक या मसूड़ों से खून आना, डेंगू की सबसे खतरनाक स्थिति होती है।

यूं करें डेंगू से बचाव
ऐसी जगह जहां डेंगू फैल रहा है वहां पानी को रूकने नहीं देना चाहिए।
प्लास्टिक बैग, केन, गमले, कूलर में पानी जमा नहीं होने दें।
मच्छरों से बचने का हर संभव प्रयास करना चाहिए जैसे मच्छरदानी लगाना, पूरी बांह के कपड़े पहनना आदि।
इस वायरल संक्रमण से बचने के लिए रोगी की अच्छी तरह से देखभाल करें।
संक्रमित व्यक्ति के आसपास का माहौल भी अनुकूल हो।
खून की जांच भी कुछ समय के अंतराल में करवानी चाहिए।

प्रकार फैलता है संक्रमण
जब मच्छर किसी पीडि़त व्यक्ति को काटता है, तो पीडि़त व्यक्ति के परजीवी मच्छर में आ जाते हैं। यही मच्छर जब किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वह स्वस्थ्य व्यक्तिभी इस वायरल से संक्रमित हो जाता है। मच्छर बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ते हैं और यह रूके हुए पानी में प्रजनन प्रक्रिया शुरू कर देते हैं, जैसे प्लास्टिक बैग, कैन, गमले, कूलर में जमा हुए पानी में मच्छर होते हैं।

नगर निगम नहीं कर रहा दवाई का छिड़काव
नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर पहले ही लचर है, ऐसे में डेंगू के बढ़ते मरीजों ने अब और चिंता बढ़ा दी है। निगम दवाई का छिड़काव नहीं कर रहा है। इससे लोगों में भी नाराजगी है। महर्षि दयानंद वार्ड के अजय बालापुरकर ने तो निगम आयुक्त को पत्र भी लिखा है कि उनके वार्ड में दवाई का छिड़काव किया जाए। बालापुरकर ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई लोग बीमार हैं, जिन्हें डॉक्टर ने डेंगू का अंदेशा जताया है।

डॉक्टर सहित पति-पत्नी संक्रमित
कोरोना में शनिवार को तीन पॉजिटिव पाए गए। राजपुरा में नाक, कान, गला विशेष डॉक्टर सहित उनकी पत्नी और बेटा संक्रमित हुए हैं। बेटे की महाराष्ट्र कांटेक्ट हिस्ट्री निकली है।

डेंगू के मरीज अब तक 8 पॉजिटिव पाए गए हैं। हमने निगम को पत्र लिखा है कि दवाई का छिड़काव करें। सर्वे भी लगातार चल रहा है।
- डॉक्टर गौरव थावानी, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग

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