बुरहानपुर के लोगों से न लें पंगा, यहां हैं 455 बंदूकधारी

बंदूक के लायसेंस के लिए पुलिस के पास अब भी आवेदन पहुंच रहे हैमहिलाएं भी पीछे नहीं

By: Editorial Khandwa

Published: 01 Apr 2016, 11:53 PM IST

बुरहानपुर.  जिले में 455 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने आत्मरक्षा के लिए बंदूक अपने पास रखी है। बड़ी बात यह है कि इन हथियारों के दुरुपयोंग का मामला अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस ने यह आंकड़े जारी किए हैं। बंदूक के लायसेंस के लिए पुलिस के पास अब भी आवेदन पहुंच रहे हैं।
    जिले में बढ़ी आपराधिक गतिविधियों से जिले वासी अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। इससे शहरवासी अपने पास बंदूक रखने लगे हैं। जिला प्रशासन के पास 455 लायसेंसधारियों के नाम दर्ज है, जिन्हेंने लायसेंस ले रखे हैं।
महिलाएं भी पीछे नहीं
 हथियार रखने में अब पुरुषों का वर्चस्व नहीं रहा। बंदूक पास में रखने के लिए जिले की महिलाएं भी अव्वल है। पांच महिलाओं ने लायसेंस लेकर बंदूकें अपने पास ले रखी है। इसमें हर तीन साल में लायसेंस रिन्यू करने का भी नियम प्रशासन ने बनाया है। इससे बंदूकधारी नियम से लायसेंस भी रिन्यू करा रहे हैं। हथियारों में सबसे अधिक 212 बोर की बंदूकें हैं। 10 रिव्हाल्वर-पिस्तोल और 55 अन्य बंदूकें शहरवासियों के पास है।
ऐसे बनता है लायसेंस
 तहसीलदार जीएस गहरवार के    मुताबिक बंदूक के लिए लायसेंस कलेक्टर कार्यलय में आवेदन देना होता है। इसमें पहचान पत्र और इनकटैक्स, बैंक पास बुक फोटोकॉपी आदि कागज लगते हैं। 30 से 60 रुपए का चालान बनाकर 8 से 15 दिन में लायसेंस जांच के बाद बनता है।
आपराधिक व्यक्ति का नहीं बनता लायसेंस: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने कहा कि लायसेंसधारी बंदूक का अब तक दुरुपयोग का ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति को लायसेंस नहीं दिया जाता।
 जिले में 455 लायसेंस धारी है। अब भी लायसेंस के लिए आवेदन आते रहते हैं।- मनोज रॉय, एएसपी

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