किसी ने पेंशन तो, किसी ने बेटी की पढ़ाई के लिए जमा की थी राशि

 किसी ने पेंशन तो, किसी ने बेटी की पढ़ाई के लिए जमा की थी राशि

Editorial Khandwa | Updated: 09 Feb 2016, 11:04:00 PM (IST) Burhanpur, Madhya Pradesh, India

 मैत्रेय फर्जीवाड़ा कार्यालय का सामान रातोंरात हुआ गायब कर्मचारियों को चार माह से नहीं दिया था वेतन  अब भी चल रही मैत्रेय जैसी कंपनियां  पत्रिका सबसे आगे

बुरहानपुर. फायनेंस कंपनी मैत्रेय के फर्जीवाड़े के विरोध में मंगलवार को लोग बुरहानपुर स्थित आर्को काम्पलेक्स में गए। लेकिन यहां पर कार्यालय में ताला लगा हुआ मिला। यहां पर किसी ने पेंशन तो, किसी ने बेटी की पढ़ाई के रुपए जमा किए थे। अब वे लोग अफसोस कर रहे हैं।
    महाराष्ट्र मैत्रेय संस्था की संचालिका के गिरफ्तार होने के साथ ही कंपनी के बुरहानपुर से भागने की अफवाह फैलने लगी थी। मंगलवार को पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद यहां पर लोग पहुंचने लगे। हालांकि उनके सवालों का जवाब देने वाला कोई नहीं मिला।
12 हजार निवेशकों के करोड़ों लापता
बुरहानपुर में आर्को कॉम्पलेक्स में मैत्रेय का कार्यालय है। यहां पर पिछले कई वर्षों से फायनेंस का कारोबार चल रहा है। यहां पर केवल लोगों से रुपए लेकर उनको ब्याज सहित रुपए लौटाने का कारोबार चल रहा है। 10 दिनों से मैत्रेय संस्था के कार्यालय पर ताला लगा हुआ है। मैत्रेय संस्था के बुरहानपुर और आसपास के गांवों में 250 से अधिक एजेंट काम करते हैं। जबकि निवेशकों के 25 करोड़ से अधिक की राशि अटकी हुई है। यहां पर शाहपुर, खकनार, लोनी, बहादरपुर, निंबोला, अंतुर्ली के साथ ही आसपास के कई गांवों में संस्था काम कर रही थी। कंपनी सीधे निवेशक से एफडी कराती है।
रातोंरात सामान गायब
मैत्रेय संस्था की संचालिका वर्षा सत्पालकर के गिरफ्तारी के बाद मैत्रेय के कार्यालय से सामान भी रातोंरात ही गायब हो गया है। यहां पर कम्प्यूटर और फर्नीचर सिस्टम था, लेकिन अब कुछ नहीं है। कार्यालय में मात्र ताले लगे हुए हैं।
केस-1
पेंशन की राशि लगाई थी मैत्रेय में
खंडवा निवासी अशोक कारंजकर मैत्रेय संस्था में एजेंट के बहकावे में आकर पेंशन की राशि लगा दी थी। कंपनी से 27 हजार रुपए लेना थे। इसके रुपए 19 सितंबर 2015 को मिलना थे, लेकिन राशि नहीं मिली। अब चक्कर काट रहे हैं। अशोक कारंजकर रेलवे में कर्मचारी थे। पेंशन की राशि बचाकर संस्था में दी थी।
केस-2
बेटी की पढ़ाई के लिए जमा किए थे रुपए
लालबाग चिंचाला निवासी कैलाश रूपसिंह ने अपनी बेटी गुड्डी की पढ़ाई के लिए राशि रखी थी। इस राशि को एफडी कराया था। मजदूरी करने वाले कैलाश ने 20 हजार रुपए यहां जमा किए थे। अलग-अगल तीन एफडी में कुल 81 हजार रुपए मिलना थे, लेकिन अब तक राशि नहीं दी। मंगलवार को ये परिवार सहित मैत्रेय के कार्यालय पहुंचे।
केस-3
बुढ़ापे के लिए किए थे जमा
बुरहानपुर के बुधवारा निवासी एमके चौधरी ने अपने बेटे जयेश चौधरी के नाम से 6 साल के लिए एफडी कराई थी। ताकि ये राशि बुढ़ापे में काम आ सके। करीब चार साल से रुपए जमा कर रहे हैं। कंपनी के गायब होने से अब वे सकते में है।
केस-4
मेहनत की कमाई लगाई
महाजनापेठ निवासी मदन मराठे के पिता ने बेटे के लिए एफडी कराई थी। 24 हजार 305 रुपए जमा कर चुके हैं। लेकिन मदन को अब तक रुपए नहीं मिले। कंपनी के भाग जाने से परिवार सकते में आ गया है।
आंकड़े एक नजर में...
250
से अधिक मैत्रेय के एजेंट
12
हजार से अधिक निवेशक
10
दिनों से कार्यालय पर लगा है ताला

- हमारे पास अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं है। इस मामले में सीएसपी साहब को जांच के लिए कहा है। कोई शिकायत आती है तो कार्रवाईकरेंगे।
अनिलङ्क्षसह कुशवाह, एसपी बुरहानपुर

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