दूसरे दिन तेंदुए ने फिर किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत

वन विभाग ने शाम होने के बाद खेत में नहीं जाने दिए निर्देश
खेत में काम करने से कतरा रहे किसान, वन विभाग ने लगाए पिंजरे

By: tarunendra chauhan

Updated: 07 Sep 2020, 01:42 PM IST

बुरहानपुर. नेपानगर से लगे ग्राम रतागढ़ में लगातार पालतु पशुओं के शिकार की घटनाएं बढ़ रही है। रविवार शाम तेंदुए ने फिर एक बकरी का शिकार किया। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बता दें कि शनिवार दोपहर बाघ ने किसान के बैंल को अपना शिकार बनाया था। ठीक 24 घंटे बाद तेंदुए ने बकरी का शिकार बनाया। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुचे। उन्होंने पंचनामा बनाकर मामले की जाचं शुरू की। विभाग ने तेंदुए को पकडने के लिए बाघ का पिंजरा लगाया। यहां पर कर्मचारियों एवं कै मरे लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

गांव के किसान राजु देवीदास की बकरी को तेंदुए ने अपना शिकार बनाया। शाम 4 बजे बकरी खेत में चारा खाने गई थी। इस दौरान उसे तेंदुए ने पकड़ लिया। कुछ देर बाद राजु के पहुंचने पर उसे घटना की जानकारी मिली। उसने शोर मचाकर अन्य का मामला बताया, इसके बाद वन अधिकारियों को शिकायत की गई। मौके पर एसडीओ एमएस सोलंकी, रेंजर जितेंद्र पाराशर, बीट गार्ड रजनीश ठाकुर, ब्रजलाल इमने, ललिता अन्ना और सलिका कास्डेकर पहुंचे। उन्होंने बकरी के शव के आसपास के साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों ने बताया कि पगमार्क देखने पर तेंदुए के शिकार किए जाने की बात सामने आई। हालांकि बकरी को मारने के बाद तेंदुआ उसे खा नही पाया। विभाग ने मौके पर पंचनामा बनाया है। पीडि़त पशु पालक को मुआवजे का आश्वासन दिया गया।

एक पिंजरा लगाया, दो और लगाएंगे
अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को पकडऩे के लिए एक पिंजरा रविवार को लगाया गया है। वहीं सोमवार को दो अन्य लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि बारिश नहीं आई तो यहा पर कैमरे लगाने की भी व्यवस्था होगी। वहीं सुरक्षा के लिहाजे से यहा दिन रात कर्मचारियों की तैनाती होगी। हर पल की जानकारी जुटाने की तैयारी विभाग कर रहा है। हर किसान के पशुओं को सुरक्षा देने की व्यवस्था करेंगे। वही जिन पशु पालको के पशुओं का शिकार हो रहा है उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।

दे रहे ग्रामीणों को समझाइश, दिन में ही पूरे करे खेत के सारे काम
विभाग के अधिकारी रविवार शाम किसानों को समझाइश देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव और खेत आसपास ही है, लेकिन फिर भी किसानो को दिन में ही खेत के पूरे कार्य करने होंगे। यथा संभव खेत में शाम होने के बाद ना पहुंचे। दिन में भी किसान झुंड बनाकर खेत में काम करें। उन्होंने कहा कि साथ में लकड़ी- ल_ आदि रखे। शाम होने के बाद ही तेंदुआ हलचल करता है। इसलिए अधिकांश किसान दिन में ही खेत में काम करें। घटना के बाद से गांव के किसान परेशान हो चुके हंै। उन्होंने कहा कि लगातार दो दिनों में दो पशुओं को तेंदुए और बाघ ने अपना शिकार बनाया। विभाग को हमारी समस्या का जल्द निदान करना चाहिए।

Show More
tarunendra chauhan Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned