300 एकड़ भूमि हस्तांतरण के लिए विधायक ने लगाई आपत्ति

दूसरी ओर नगर में सर्वे शुरू होने के बाद से लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण

बुरहानपुर. 30 जनवरी को नेपा लिमिटेड, तहसील और वन विभाग के संयुक्त स्टॉफ द्वारा 300 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को लेकर किए गए सर्वे के बाद विधायक सुमित्रा कास्डेकर ने पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराई है।

विधायक ने कलेक्टर राजेश कौल को पत्र के माध्यम से कहा कि जमीन हस्तांतरण के संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए फारेस्ट एवं राजस्व विभाग के अधिकारी अपने रिकार्ड के साथ छानबीन कर भूमि संबंधित विभाग को सौंपी जाए। मामले को लेकर भाजपाइयों ने विधायक पर विकास की गति रोकने का आरोप लगाया है। नपा परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि ऐसे पत्र जारी कर विधायक कास्डेकर नगर विकास में अडंगा डाल रही हैं।

इन विषयों को आधार बनाकर किया विरोध
नेपा लिमिटेड ने उक्त जमीन वन विभाग और राजस्व विभाग से लीज पर ली गई है। इसलिए कंपनी को भूमि वापस लौटानी चाहिए। जमीन के संबंध में फॉरेस्ट विभाग द्वारा नेपा लिमिटेड पर हाईकोर्ट जबलपुर सहित अन्य न्यायालयों में प्रकरण चल रहे हंै, जिनका निराकरण नहीं हुआ है। शासन की महत्वपूर्ण योजना जैसे, स्कूल भवन, शासकीय अस्पताल आदि के निर्माण के लिए जमीन नही मिल पाएगी। कंपनी नपा परिषद को जमीन देती है तो क्या नपा परिषद उक्त जमीन पर विकास कार्य कर पाएगी, उन्होंने मामले में जल्द उचित कदम उठाने की मांग की है, जिससे भविष्य में कोई विवाद ना हो।

नगर में बढ़ रहा अतिक्रमण
एक तरफ जहां भूमि हस्तांतरण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है तो दूसरी ओर कार्रवाई शुरू होने के बाद से नगर में अतिक्रमण दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। मामले को लेकर नेपा लिमिटेड की ओर से नपा परिषद को पत्र दिया गया है। पत्र के अनुसार कार्रवाई के बाद से ऐसा देखा जा रहा है कि कुछ लोगों के द्वारा लकड़ी की बल्लियां, तार, जाली आदि गड़ाकर संबंधित क्षेत्रों में अतिक्रमण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित क्षेत्रों अमें रोजाना अतिक्रमण बढ़ रहा है। जिससे नगरवासियों के कार्य बाधित हो रहे हैं।

दल गठित कर करे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
कंपनी प्रबंधन की ओर से पत्र में कहा गया है कि उक्त कार्य को रोकने के लिए नगर में अतिक्रमणरोधी कर्रवाई की जरूरत है। ऐसे में परिषद को जल्द दल का गठन कर नेपा लिमिटेड के संपदा विभाग के साथ क ठोर कार्रवाई करनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई को रोका नहीं गया तो विकास कार्य को करने में बड़ी परेशानी होगी। रहवासी रोजाना अतिक्रमण कर रहे हैं। मामले की छायाप्रति तहसीलदार नेपानगर को भी सौंपी है।

नगर में किसी भी हाल में अतिक्रमण नहीं होने देंगे। कंपनी के पास हर भूमि की जानकारी है। एक बार जानकारी लेने के बाद परिषद कठोर कार्रवाई कर अतिक्रमण की रोक थाम करेगी।
राजेश चौहान, नपाध्यक्ष

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tarunendra chauhan Desk
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