नारादजी ने किया था तप, आज लगेगा 21 हजार लड्डुओं का महाभोग

- 21 हजार लड्डू का महाभोग, 21 क्विंटल से बने - ताप्ती तट के श्री सिद्धेश्वर मंदिर पर लगेगा

By: ranjeet pardeshi

Published: 04 Jan 2018, 09:37 PM IST

बुरहानपुर. संकटा चतुर्थी पर ताप्ती तट के श्री सिद्धेश्वर गणेश मंदिर पर शुक्रवार को भव्य मेले का आयोजन होने जा रहा है।यहां भगवान गणेश को लड्डुओं का भोग लगेगा। इसके लिए तीन दिन से 21 हजार लड्डु 21क्विंटल के सामान से बनाए जा रहे हैं। सुबह दुग्ध अभिषेक कर भगवान भोग लगाने के बाद इसका वितरण शुरू हो जाएगा।
श्री सिद्धेश्वर एवं तापीश्वर मंदिर ट्रस्ट की ओर से यह आयोजन होने जा रहा है।श्री मसानी हनुमान मंदिर के पास सिद्धेश्वर मंदिर पर यह आयोजन होगा। कई दिनों से यहां पर मेले की तैयारी चल रही है।इन लड्डुओं को बनाने में ढाईक्विंटल बेसन, पांच क्विंटल शकर, 400 लीटर शुद्ध घी, 21 किलो इलायची लगी है। खासकर इन लड्डुओं का सजाने के लिए 7 किलो गुलाब की पंखुडिय़ों से सजाया जाएगा।
ऐसे है मंदिर का इतिहास
ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रशांत पाटिल ने बताया कि 450 वर्षप्राचीन गणेशजी की प्रतिमा तप करने की मुद्रा में विराजित है। इसी कारण मंदिर का नामकरण सिद्धेश्वर गणेश मंदिर प्रचलन में है। इसी मंदिर पर नारादजी ने तप किया था। काफी समय से मंदिर उपेक्षित अवस्था में था। कुछवर्षों से ट्रस्ट के माध्यम से मंदिर प्रांगण में धार्मिक अनुष्ठान एवं कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी तारतय में चतुर्थी के महापर्व पर 21 हजार लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया जाएगा।महाराज संदीप भाले द्वारा दुग्ध अभिषेक कर 21 हजार लड्डुओं का भोग लगेगा। ट्रस्ट में 350 से अधिक सदस्य सक्रिय होकर कार्य कर रहे हैं। समिति के सदस्य बसंत पाल, प्रवेश भगत, जीतेंद्र महाजन, शशिकांत कौशिक, धनराज महाजन, अशोक राठौर, मनोज पाटिल, सुधाकर महाजन, खुशाल महाजन, राजेश परोते मेले की तैयारी में लगे हैं।
२१ फीटशिवलिंग आज होगी स्थापित
प्रशांत पाटिल ने बताया कि इसी स्थान पर २१ फीट की शिवलिंग स्थापित की जाएगी।यह लगभग बनकर तैयार हो गई है। महाशिवरात्रि पर प्राणप्रतिष्ठा की जाएगी। यह शिवलिंग शहर की सबसे ऊंची शिवलिंग होगी।
यहां भी उमड़ेगी आस्था
संकटा चतुर्थी पर शुक्रवार को गणपति नाका के पास स्थित गणपति मंदिर में भी आस्था उमड़ेगी। मंदिर समिति सचिव अनूप यादव ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर पूरा शहर गणेशजी की भक्ति में लीन हो जाएगा। शुक्रवार सुबह 4 बजे 51लीटर दूध और पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सुबह 5 बजे काकड़ आरती होगी। यहीं से दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्त यहां पर आना शुरू करेंगे, जो रात के १२ बजे तक पहुंचते हैं।

ranjeet pardeshi Bureau Incharge
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