कोरोना में स्कूल खुले नहीं और सरकार यूनिफॉर्म पर खर्च कर रही 4 करोड़ रुपए

चार माह शिक्षण सत्र को रह गए, अब बनवा रहे गणवेश- 90 दिनों में तैयार करना है 1 लाख 45 हजार ड्रेस, फरवरी में मिलेंगे ड्रेस

By: tarunendra chauhan

Published: 29 Nov 2020, 07:45 PM IST

बुरहानपुर. कोरोना संक्रमण के चलते शासकीय स्कूलें बंद हैं, 2020-21 के शिक्षण सत्र को अब पूरा होने में महज 4 माह रह गए, आगे भी स्कूल खुलते हैं या नहीं यह कोरोना के हालातों पर निर्भर करेगा, लेकिन सरकर बच्चों को दिए जाने वालू स्कूल यूनिफॉर्म पर 4 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। इसके लिए बजट जारी कर स्वयं सहायता समूह को काम भी दे दिए। जिन्हें 90 दिनों में निर्धारित मापदंड में स्कूल यूनिफॉर्म देना है। समूह जब तक ड्रेस देंगे तब तक को शिक्षण सत्र ही समाप्त हो जाएगा।

शासन ने विद्यार्थियों को दो जोड़ी गणवेश देने के लिए करोड़ों का बजट जारी कर दिया। शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों के 137 स्व.सहायता समूहों की महिलाओं को स्कूली बच्चों का गणेवश तैयार करने के लिए 4 करोड़ से अधिक की राशि मिल रही है। 90 दिनों के अंदर 1 लाख 45 हजार 160 गणवेश की सिलाई करना होगी।

महिला स्व-सहायता समूहों की कार्य क्षमता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की 103 और शहरी क्षेत्रों की स्कूलों के लिए शहरी विकास प्राधिकरण की 34 स्व. सहायता समूहों को स्कूल ड्रेस सिलाई का जिम्मा सौंपा गया है। 500 से अधिक महिलाएं गणवेश सिलाई का काम करेंगी। स्कूली बच्चों को यह गणवेश शिक्षा सत्र शुरू होते ही मिलना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते महिला समूह के खातों में राशि जारी नहीं होने के कारण गणवेश तैयार नहीं हो पाए।ड़ा सवाल क्या विद्यार्थी यह गणवेश पहन सकेंगे
नए शिक्षा सत्र शुरू हुए 6 माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते प्राथमिक और माध्यमिक शासकीय स्कूलें के ताले नहीं खुले हैं। ऐसे में गणवेश के नाम पर बुरहानपुर जिले में ही शासन के करोड़ों रुपए लगा दिए। जबकि अब तक स्कूल खुलने का कोई ठिकाना नहीं है। स्कूल खुलते भी हैं, तो 90 दिन में ड्रेस आएंगे। जब तक सत्र समाप्त हो जाएगा, अब सवाल यह है कि क्या यह यूनिफॉर्म अगले सत्र में भी काम आ सकेंगे। यहा नए सत्र में नया बजट जारी होगा।

एनआरएलएम को समूह को मिलेंगे 3 करोड़ रुपए
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के 103 समूहों की महिलाओं को 1 लाख 19 हजार ड्रेस तैयार करने का लक्ष्य मिला है। 3 करोड़ 57 लाख रुपए बैंक खातों में जमा होंगे। अब तक शासन से 82 लाख 30 हजार रुपए जमा हो गए हैं। एनआरएलएम जिला परियोजना प्रबंधक सरिता स्वामी ने बताया कि बच्चों का ड्रेस तैयार करने के लिए 15 से 20 सेंटर बनाए जा रहे हंै। लगभग 646 स्कूलों के बच्चों के ड्रेस समूह की महिलाएं तैयार करेंगी। एक समूह को 50 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक काम मिलेगा। 90 दिनों के अंदर काम पूरा कर स्कूलों तक पहुंचाना है। एक बच्चे को दो ड्रेस मिलेंगे। समूह की महिलाओं को पूर्व में ही प्रशिक्षण देकर इस काम के लिए तैयार किया गया है। एक डे्रस तैयार करने पर 300 रुपए की राशि समूह को मिलेगी।

निगम के समूह को मिलेगी 78 लाख की राशि
शहरी क्षेत्र की शासकीय स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए शहरी विकास प्राधिकरण की 34 महिला समूह के खातों में 78 लाख 48 हजार की राशि आएगी। गणवेश सिलाई के लिए 37 समूह का पंजीयन कराया गया है, 34 समूह के खातों में 31 लाख की राशि पहंच गई है। शहरी क्षेत्र में 54 स्कूलों के लिए कुल 26 हजार 160 ड्रेस तैयार होंगे। शासन की तरफ से अन्य समूह की महिलाओं के खातें में भी राशि आने पर जल्द ही गणवेश सिलाई का काम शुरू होगा। सभी जगहों पर अलग-अलग सेंटर भी बनाए जा रहे हैं।

इस गुणवत्ता का रखना होगा ध्यान
गणवेश की सिलाई करने वाले समूहों के गणवेश के मापदंड पर तय कर दिए गए है। गुणवत्ता युक्त भारतीय मानक ब्यूरो के स्पेशिफिकेशन के अनुसार कपड़े में पोलिस्टर, विस्कोस एवं पोलिस्टर कॉटन, ब्लेडेड यार्न का उपयोग करना होगा। पोलिस्टर की मात्रा 64 से 70 एवं कॉटन विस्कोस की 33 प्रतिशत होना चाहिए। गणवेश में रोटो कपड़े का उपयोग नहीं होगा।

फैक्ट फाइल
- 145160 गणवेश की होगी सिलाई
- 43548000 मिलेगी कुल राशि
- 137 समूह की महिलाएं करेगी काम
- 90 दिनों का मिला लक्ष्य
- 103 ग्रामीण के समूह
- 34 शहरी क्षेत्र के समूह

- शिक्षा सत्र 2020-21 के लिए बच्चों की गणवेश राशि महिला समूह के खातों में आ रही है, कोरोना संक्रमण के चलते देरी हुई है, गणवेश तैयार होने के बाद वितरण करेंगे।
अश्विनी उपाध्याय, डीपीसी बुरहानपुर

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