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यहां बना पहला महिला मंदिर, पुरूषों के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध

इस मंदिर में खास मौके पर ही मिलता है पुरुषों को प्रवेश

बुरहानपुर

Published: December 27, 2021 06:24:05 pm

बुरहानपुर. पहला महिला मंदिर जी हा सही सोच रहे हैं आप हम जिस मंदिर के बारे में बता रहे हैं वह निमाण का पहला महिला मंदिर है यह स्वामीनारायण मंदिर में बनाया गया है। आज सोमवार को स्वामीनारायण मंदिर परिसर में बने पहले महिला मंदिर का लोकार्पण किया गया है। मंदिर के लोकार्पण के लिए वड़ताल से आचार्य 1008 राकेशप्रसाद दास पहुंचे।

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सुबह सबसे पहले हरिकृष्ण महाराज का गंगा, नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी नदी सहित देश की अन्य नदियों के जल में समुद्र का जल और 501 लीटर दूध मिलाकार अभिषेक किया। इस समारोह में शामिल होने के लिए दुबई, अफ्रीकन महाद्वीप के कई देशों और भारत के अनेक राज्यों से लगभग 40 हजार से ज्यादा भक्त पहुंचे।

इस स्वामीनारायण मंदिर परिसर में सांख्य योग मंदिर का निर्माण किया गया। यह इस इलाके का पहला महिला मंदिर होगा जिसमें पुरूषों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा। केवल खास मौके पर ही पुरुषों को एंट्री मिलेगी। यह मंदिर 70 साल पुराना है। जिस परिसर में यह मंदिर ता वह अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। मंदिर से लगी जमीन को मंदिर के लिए राधाबाई नामक महिला ने दान किया था। अब यहीं पर 3 करोड़ की लागत से मंदिर यह मंदिर बनाया गया है।

गुजरात वढ़ताल से राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त आचार्य राकेश प्रसाददास का रविवार को आगमन हुआ। मंदिर पहुंचकर भगवान स्वामीनारायण के दर्शन किए। मंच पर विराजित किया गया। उनका पुष्हार से मंदिर कोठारी पीपी स्वामी और सोमेश्वर मर्चेंट ने सम्मान भी किया। सिलमपुरा स्थित स्वामीनारायण मंदिर में 150वे सार्घ शताब्दी महोत्सव का आयोजन हो रहा है।

चौथे दिन की शुरुआत यज्ञ नारायण से की गई। भक्तों ने यज्ञ कर भगवान को प्रसन्न किया। वही ताप्ती, नर्मदा, गोदावरी, गंगा आदि नदियों और मुंबई से समुद्र का जल लाकर जल यात्रा निकाली और मंदिर पहुंचे ताकि भगवान के अभिषेक के लिए जल उपयोग हो सके। व्यासपीठ पर विराजित शास्त्री सत्यप्रकाश दास कहा कि हृदय से निकलने वाला हर शब्द आशीर्वाद होता है। इसलिए भी कहे वह सोच समझकर और मन से कहे। ता कि वह अपने अनुयायिओं के लिए आशीर्वाद बने। आज जनमानस भारतीय संस्कृति को छोड़ रहा।

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