यह है बुरहानपुर का अनोखा त्योहार, बैलों का श्रृंगार कर होती है पूजा, नारियल तोड़ते है युवा देखे वीडियो

- पोला उत्सव पर रहती है धूम

By: Amiruddin Ahmad

Published: 07 Sep 2021, 11:41 PM IST

बुरहानपुर. महाराष्ट्र की सीमा से लगे बुरहानपुर शहर में पोला पर्व एक अनोखा त्योहार है। किसान और पशु पालक साल में एक बार अपने बैलों के साथ इस त्योहार को मनाते है। बैलों का श्रृंगार कर पूजा अर्चना करने के बाद मिठाई, पूरणपोली और अनाज खाने के लिए दिया जाता है। युवाओं ने 12 से 15 फीट ऊंचाई पर लटके नारियल का तोरण तोड़कर वर्षाे पुरानी परंपरा निभा रहे है।
दरअसर ये पर्व महाराष्ट्र राज्य का है, लेकिन सीमा से लगा होने के कारण खंडवा और बुरहानपुर में भी इस त्योहार पर धूम रहती है। प्रशासन द्वारा स्थानीय अवकाश भी घोषित किया जाता है। बैलों को किसान और पशु पालक आकर्षक तरीके से सजाते है। ताकि अन्य बैलों की तुलना में सबसे अलग नजर आए। किसान सालभर खेतों में बैलों से काम कराते है, लेकिन पोला पर्व के दिन बैलों से कोई काम नहीं लिया जाता, बल्कि घर के आंगन में खीर-पुरणपोली खिलाकर उनकी पूजा अर्चना की जाती है। िदनभर शहर की सड़कों पर सजे-धजे बैल दिखाई दिए। शहर में पोला पर्व की परंपरा करीब 500 साल पुरानी है।
मिट्टी के बैलों की भी होती है पूजा
किसानों के यहां तो बैल होते हैं, लेकिन जिनके यहां बैल नहीं है वे मिट्टी के बैलों की पूजा करते हैं। उन्हें जोड़ी के साथ आरती और पूजन करते हैं। ये सब शहर में दिनभर चलता है। पोला पर्व को लेकर एक सप्ताह पहलेसे ही बाजार में मिट्टी के बैल बेचने के लिए दुकानें लगती है।परिवार में विशेष पकवान बनाए जाते हैं।

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