बजट 2019: घर खरीदारों को रियायत और अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा मिले: राकेश यादव

बजट 2019: घर खरीदारों को रियायत और अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा मिले: राकेश यादव

| Publish: Jan, 24 2019 12:29:27 PM (IST) | Updated: Jan, 29 2019 08:15:25 PM (IST) बिजनेस एक्सपर्ट कॉलम

लंबे समय से चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे रियल एस्‍टेट सेक्‍टर को इस बार बजट से काफी उम्‍मीदें हैं। चुनावी साल होने से संभावना भी है कि रियल्‍टी सेक्‍टर और घर खरीदारों को बजट में कई तरह की छूट और मिलेंगी।

नई दिल्ली। लंबे समय से चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे रियल एस्‍टेट सेक्‍टर को इस बार बजट से काफी उम्‍मीदें हैं। चुनावी साल होने से संभावना भी है कि रियल्‍टी सेक्‍टर और घर खरीदारों को बजट में कई तरह की छूट और मिलेंगी। ऐसे में एस्‍टेट सेक्‍टर की सरकार से मांग है कि बजट में अन्य उद्योगों की तरह इस सेक्टर से भी स्टाम्प ड्यूटी को खत्‍म कर जीएसटी में शामिल कर दिया जाए। इससे रियलटी सेक्‍टर को प्रोत्‍साहन मिलेगा। इसके साथ ही रियल एस्‍टेट सेक्‍टर प्रोजेक्‍ट को पूरा करने के लिए आसानी से फंड की जरूरत को पूरा करने के लिए एक कोष का गठन करने का मांग कर रहा है।


सस्‍ते घरों को और छूट दी जाए

आयकर अधिनियम 1981 की धारा 80 आईबीए का दायरा, जो कि डेवलपर को सस्‍ते आवासीय प्रोजेक्ट से प्राप्त लाभ और लाभ के 100 फीसदी के बराबर कटौती की अनुमति देता है, को अफोर्डेबल हाउसिंग की सभी श्रेणियों जिनमें ईडब्ल्यूसी, एलआईजी, एमआईजी-3 और एमआईजी-2 में लागू करना चाहिए। सस्‍ते घरों की वर्तमान सीमा चार मेट्रो के लिए 30 मीटर और अन्य शहरों के लिए 60 मीटर के बजाय 200 वर्ग मीटर कारपेट एरिया तक के प्रोजेक्टस तक विस्तारित की जानी चाहिए। इससे घर के खरीदारों के सभी वर्गों को कवर किया जा सकेगा। यह 2022 तक सभी के लिए आवास के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।


होम लोन, किराए और आयकर पर छूट बढ़े

रियल्‍टी सेक्‍टर में सुस्‍ती खत्‍म हो इसके लिए जरूरी है कि घर खरीदरों को सरकार का बढ़ावा मिले। यह तभी हो सकता है जब सरकार होम लोन, किराए और आयकर छूट की सीमा पर मिल रहे रियायतों को बढ़ाएगी। इससे आम लोगों के पास बचत बढ़ेगा और वह अपने घर के सपने को पूरा कर पाएंगे। इसके अलावा इस सेक्‍टर को उद्योग का दर्जा दिया जाए। इससे डेवलपर्स के लिए कम ब्‍याज दर पर फंड जुटाना आसान हो जाएगा।


अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी इस सेक्‍टर के लिए जरूरी

भारतीय रीयल एस्टेट सेक्टर अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है जिसने 2017 में सकल घरेलू उत्पाद में 6.7 फीसदी का योगदान दिया। उम्‍मीद है कि वर्ष 2025 तक इसके 13 फीसदी तक पहुंच जाएगा। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अनुसार 2022 तक रियल एस्टेट एवं निर्माण उद्योग में 66 मिलियन से अधिक लोगों की मांग होगी, वहीं केपीएमजी के अनुमान के मुताबिक 2022 तक यह आंकड़ा 75 मिलियन को पार कर जाएगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस सेक्‍टर को पटरी पर लाने के विशेष ध्यान दें।

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