Excise Duty: केंद्र ने अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल-डीजल से की 94181 करोड़ की कमाई

 

 

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि वर्तमान में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल के लिए 31.80 रुपए प्रति लीटर है।

By: Dhirendra

Updated: 19 Jul 2021, 07:48 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर यानि अप्रैल से जून 2021 के बीच केंद्र ने सरकार ने जमकर जनता की जेब पर डाका डालने का काम किया। तीन महीने का यह वही समय है जब देश की जनता कोरोना की दूसरी लहर से कराह रही थी। देशभर के लोगों में बेचैनी का माहौल था, लेकिन केंद्र सरकार ने उसी दौर में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी से रिकॉर्ड 94,181 करोड़ की कमाई की। ये डेटा कहीं और से नहीं, बल्कि मॉनसून सत्र के पहले दिन एक प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी सदन के पटल पर रखते हुए कहा कि अप्रैल से जून 2021 तक पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क के जरिए लगभग 94,181 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया है।

पंकज चौधरी ने कहा कि मौजूदा वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और व्यय की अन्य विकासात्मक वस्तुओं के लिए संसाधन उत्पन्न करने के लिए उत्पाद शुल्क दरों को कैलिब्रेट किया गया है। 2017-18 से 2020 तक पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क का औसत हिस्सा- संघ द्वारा एकत्रित सकल राजस्व में 21 प्रतिशत 12 प्रतिशत है।

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पेट्रोल-डीजल से 3.45 लाख करोड़ की कमाई

इसके अलावा एक अन्य प्रश्न के जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि वर्तमान में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल के लिए 31.80 रुपए प्रति लीटर है। केंद्र ने 2020-21 के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क के रूप में 3.45 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए हैं। जबकि यह राशि 2019-20 में 1.98 लाख करोड़ रुपए और 2018-19 में 1.78 लाख करोड़ रुपए थी। यानि एक तरफ लोग कोरोना की मार झेलने के लिए मजबूर थे तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार जनता का तेल निकालने में जुटी थी। इसी विषय पर एक अलग प्रश्न के उत्तर में रामेश्वर तेली ने कहा कि वर्तमान में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल के लिए 31.80 रुपए प्रति लीटर है। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि जुलाई 2021 के लिए अब तक भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 74.34 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अक्टूबर 2018 के बाद से सबसे अधिक मासिक मूल्य है।

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पेट्रोल पर टैक्स

लोग जो पेट्रोल 100 रुपए लीटर खरीद रहे हैं, वह इतना महंगा है नहीं है। इंडियन ऑयल (IOC) के मुताबिक एक लीटर पेट्रोल की एक्स फैक्ट्री कीमत तो महज 31.82 रुपए ही है। इसके नाम पर केंद्र और तमाम राज्य सरकारें अपना खजाना भरने का काम करती हैं। इन उत्पादों के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों को मोटी कमाई होती है। दिल्ली की ही बात करें तो यहां केंद्र सरकार 32.90 रुपए का टैक्स वसूल रही है तो राज्य सरकार 20.61 रुपए का। केंद्र और राज्यों का कुल टैक्स 53.51 रुपए बन जाता है।

डीजल पर टैक्स

डीजल महंगा ईंधन होता है लेकिन इसका उपयोग खेती-बाड़ी के अलावा सामानों की ढुलाई में भी खूब होता है। यदि इस पर ज्यादा टैक्स थोपा गया तो न सिर्फ खेती महंगी हो जाती है बल्कि बाजार में महंगाई भी भड़कती है। तब भी यहां करीब 130 फीसदी का टैक्स वसूला जाता है। दिल्ली में प्रति लीटर डीजल का एक्स फैक्ट्री प्राइस 33.46 रुपए है। इस पर केंद्र सरकार का टैक्स 31.80 रुपए है जबकि राज्य सरकार का टैक्स 11.68 रुपए है। इस तरह से कुल टैक्स ही 43.48 रुपए प्रति लीटर बन जाता है।

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