अब बेनामी संपत्ति रखने वालों की खैर नहीं, 30 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी पर जांच

prashant jha

Publish: Nov, 14 2017 11:09:51 PM (IST)

Business
अब बेनामी संपत्ति रखने वालों की खैर नहीं, 30 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी पर जांच

उन शेल कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स की भी जांच कर रहे हैं जिन पर हाल ही में रोक लगा दी गई है।

 

नई दिल्ली: कालेधन के खिलाफ नोटबंदी, कर सुधार के लिए जीएसटी और अब बेनामी संपत्तियों पर अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इस दिशा में आयकर विभाग ने कदम उठाते हुए 30 लाख से ज्यादा की संपत्ति पर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग एंटी बेनामी एक्ट के तहत 30 लाख रुपए से अधिक प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का टैक्स प्रोफाइल मिलाने में जुटा है।सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि टैक्सकर्मी उन शेल कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स की भी जांच कर रहे हैं जिन पर हाल ही में रोक लगा दी गई है।

ब्लैकमनी के खिलाफ सख्ती

आयकर विभाग के अधिकारी ने कहा कि बेनामी संपत्ति लेन-देन एक्ट के तहत अभी तक 621 संपत्तियों को अटैच किया है। इसमें बैंक अकाउंट भी शामिल है। ये मामले 1,800 करोड़ रुपये से जुड़े हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि 'हम कालेधन को सफेद में बदलने के सभी साधनों को ध्वस्त कर देंगे। इसमें शेल कंपनियां भी शामिल हैं। विभाग उन सभी प्रॉपर्टीज की टैक्स प्रोफाइल की जांच कर रहा है जिनकी रजिस्ट्री वैल्यू 30 लाख से अधिक है। यदि ये प्रोफाइल संदेहास्पद या गलत पाए जाते हैं तो एक्शन लिया जाएगा।' आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि नोटबंदी के बाद भी अगर कालाधन बचा हुआ है तो वह भी जल्द ही सामने आ जाएगा। इसमें में कोई भी बच नहीं पाएगा।

देशभर में 24 यूनिट खोले गए

सीबीडीटी के चेयरमैन चंद्रा ने कहा कि 'हमने देशभर में 24 यूनिट खोले हैं। अलग-अलग स्रोतों से जानकारी मिल रही है। हम इस दिशा में अपने प्रयास को तेज कर रहे हैं।' चंद्रा ने कहा कि टैक्सकर्मी हाल ही में बैन की गई शेल कंपनियों की डेटा भी मिला रहे हैं। यदि इन कंपनियों के पास कोई बेनामी संपत्ति है या कोई वित्तीय लेनदेन जिसका मिलान नहीं होता तो एक्शन लिया जाएगा।

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