इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट ने की ऑसग्रिड के साथ पार्टनरशिप, जानिए डिटेल्स

आईटी कंपनियां इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में एनर्जी और इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ऑसग्रिड के साथ उसके क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन में तेज़ी लाने के लिए एक डील की है।

By: Tanay Mishra

Published: 13 Sep 2021, 05:14 PM IST

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख आईटी (IT) कंपनियों में से एक इन्फोसिस (Infosys) और अमरीका की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने हाल ही में एक साथ ऑस्ट्रेलिया की एनर्जी और इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ऑसग्रिड (Ausgrid) के साथ एक डील साइन की है। यह डील एक बहुवर्षीय (Multi-year) डील होगी।

डील करने का कारण

इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट के ऑसग्रिड के साथ डील करने के पीछे कारण ऑसग्रिड के क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन में तेज़ी लाना है। ऑसग्रिड ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी एनर्जी और इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में से एक है। ऐसे में इस डील से उसको काफी फायदा मिलेगा, पर इसी के साथ इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट को भी फायदा होगा।

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क्या है क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन?

क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन एक ऐसी प्रोसेस है जिससे कंपनियों इन्टरनेट से जुड़े हुए पर अपने ऑफिस से दूर स्थित ऑफ-साइट डेटा सेंटर के ज़रिए इन्फॉर्मेशन/डेटा के स्टोरेज, डवलपमेंट और ट्रांसफॉर्मेशन की सुविधा मिलती है।

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ऑसग्रिड (Ausgrid) के कार्यवाहक मुख्य सूचना अधिकारी (Acting CIO) Nick Crowe ने इस बारे में कहा, "40 लाख से ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई हर दिन ऑसग्रिड की सर्विस पर निर्भर करते हैं। ऐसे में यह ज़रूरी है कि कंपनी की विश्वसनीयता और कनेक्टिविटी के ऊंचे मानकों को बनाए रखा जाए और ऑस्ट्रेलियाई समुदायों की अपेक्षाओं को भी पूरा करा जाए।"
उन्होंने आगे कहा कि इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट के साथ इस पार्टनरशिप से क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन के तरीकों और प्रोसेस को तेज़ करने से ऑसग्रिड के नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार होगा, नई सर्विस और लागत की गति बढ़ेगी और इसका इस्तेमाल बाज़ार में करने में भी मदद मिलेगी।

इन्फोसिस (Infosys) के कार्यकारी उपाध्यक्ष और ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर (संचार, मीडिया और टेक्नोलॉजी) आनंद स्वामीनाथन ने कहा, "ऑसग्रिड के साथ हमारी यह पार्टनरशिप क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन की योजनाओं में आवश्यक बदलाव को शामिल करने, इन्फोसिस के प्लेटफॉर्म और सर्विस के कोबाल्ट इको-सिस्टम के साथ-साथ यूटिलिटी इंडस्ट्रीज़ में भी हमारी कंपनी की गहरी विशेषज्ञता को शामिल करने के लिए हुआ है।"
उन्होंने आगे कहा कि इस डील से इन्फोसिस और माइक्रोसॉफ्ट की ग्लोबल पार्टनरशिप भी मज़बूत होगी।

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वहीं माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ऑस्ट्रेलिया की चीफ पार्टनर ऑफिसर Rachel Bondi ने कहा, "कंपनी एंटरप्राइज़ के हिसाब से क्लाउड सर्विस को अपनाने में काफी तेज़ी देख रही है। इसे लचीले बिज़नेस मॉडल के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इन्फोसिस और ऑसग्रिड के साथ इस पार्टनरशिप के ज़रिए कंपनी कभी खत्म ना होने वाली डिजिटल क्षमताओं को बनाने और ग्राहक मूल्य में भी तेज़ी लाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट एज़ुर की पावर का फायदा उठा रही है।"
उन्होंने आगे कहा कि इस क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम से ऑसग्रिड की तेज़ी को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे इसका डिजिटल प्लेटफॉर्म भी सरल और आधुनिक बनेगा, वास्तविक बिज़नेस रिज़ल्ट को आगे बढ़ाएगा और कंपनी के ग्राहकों को बड़े पैमाने पर मूल्य प्रदान करेगा।

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Tanay Mishra
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