केंद्र सरकार वाराणसी से हल्दिया वॉटररूट पर बनाएगी 30 बंदरगाह

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार गंगा नदी पर 30 बंदरगाह बनाने की तैयारी कर रही है। 

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Published: 05 Dec 2015, 11:30 PM IST

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार गंगा नदी पर 30 बंदरगाह बनाने की तैयारी कर रही है। 

इससे देश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट घटेगी और एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा और गुड्स की कॉस्ट में भी कमी आएगी। 

उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टेशन के लिहाज से वाटरवेज गेम चेंजर साबित होंगे।

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उन्होंने कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोरिया और जापान में 43 और 44 फीसदी गुड्स और पैसेंजर ट्रैफिक पानी के माध्यम से होता है। चीन में 47 फीसदी गुड्स और पैसेंजर ट्रैफिक वाटरवेज के माध्यम से होता है। वहीं यूरोपीय देशों में यह आंकड़ा 40 फीसदी है। भारत में यह आंकड़ा 3.5 फीसदी है इसलिए राष्ट्रीय राजमार्ग अहम हैं लेकिन जलमार्ग की भी अहमियत भी बहुत ज्यादा है।
Waterways transport

गडकरी ने कहा कि जलमार्ग परिवहन की लागत सड़क और ट्रेन की तुलना में काफी कम है। उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए सड़क से जाने का खर्च 1.5 रुपए (प्रति किलोमीटर) आता है, जबकि रेलवे से 1 रुपए और पानी से सिर्फ 25 पैसे आता है। हमने गंगा पर वाराणसी से हल्दिया तक के रूट पर पहले ही काम शुरू कर दिया है। हम इस रूट पर 30 बंदरगाह बना रहे हैं।’
Waterways transport

गडकरी ने कहा कि फ्यूल के रूप में एलएनजी के इस्तेमाल से वाटरवेज पर लॉजिस्टिक की लागत खासी घट जाएगी। गडकरी के पास शिपिंग मिनिस्ट्री का पोर्टफोलियो भी है। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह गेम चेंजर साबित होगा। इससे हम अपना एक्सपोर्ट बढ़ा सकते हैं, हम प्रोडक्शन कॉस्ट में कमी ला सके हैं क्योंकि इससे लॉजिस्टिक कॉस्ट खासी घट जाएगी। हमारी इसके लिए फ्यूल के तौर पर एलएनजी के इस्तेमाल की योजना है।’
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