ये बैंक क्रेडिट स्कोर के बगैर भी दे रहे हैं लोन

ये बैंक क्रेडिट स्कोर के बगैर भी दे रहे हैं लोन
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लोन लेने के लिए अमूमन क्रेडिट स्कोर बेहतर रहना जरूरी होता है, लेकिन कोटक महिंद्रा और आईडीएफसी बैंक ऐसे लोगों और कंपनियों को भी लोन दे रहे हैं, जिनका या तो कोई क्रेडिट स्कोर नहीं है या फिर यह कमजोर है।


नई दिल्ली. लोन लेने के लिए अमूमन क्रेडिट स्कोर बेहतर रहना जरूरी होता है, लेकिन कोटक महिंद्रा और आईडीएफसी बैंक ऐसे लोगों और कंपनियों को भी लोन दे रहे हैं, जिनका या तो कोई क्रेडिट स्कोर नहीं है या फिर यह कमजोर है। हालांकि ये बैंक भी कमजोर क्रेडिट स्कोर वालों में ऐसे लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो उन्हें बेहतर लगते हैं। इसके लिए ये बैंक डिजिटल क्रेडिट अल्गोरिदम फार्मूले का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि त्रुटियों से बचा जा सके। यह खासकर उन माइक्रो और छोटे उद्यमों के लिए अच्छी खबर है, जिन्हें अपने कारोबार के विस्तार के लिए फाइनेंस की जरूरत है, लेकिन कमजोर क्रेडिट स्कोर के कारण लोन लेने में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पहल के बाद अन्य बैंक भी अपने नियमों को उदार बना सकते हैं।

क्या हैं कारण

नोटबंदी के बाद बैंकों के पास पर्याप्त तरलता है, जिसे वे तेजी कस्टमर तक पहुंचाना चाहते हैं। यही कारण है कि अधिकांश वाणिज्यिक बैंकों की ब्याज दर इस समय ८ साल के निचले स्तर पर है। सरकार ने भी बैंकों से अपनी ब्याज दरें कम करने के लिए कहा था, ताकि व्यावसायिक क्रियाकलापों की गति बढ़े और उनका विस्तार हो, क्योंकि नोटबंदी के बाद बिजनेस एक्टिविटी में कमी आई। इन बैंकों का यह भी मानना है कि अगर किसी कस्टमर के पास क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है तो इसका यह मतलब नहीं है कि वह लोन पाने के लायक कस्टमर नहीं है। हालांकि ये बैंक क्रेडिट स्कोर तय करने के मॉडल विकसित कर रहे हैं, क्रेडिट ब्यूरो के स्कोर पर आधारित नहीं हैं। वे वैकल्पिक मॉडलों पर विचार कर रहे हैं।

किसे दिया जा रहा है लोन
ये बैंक रिटेल कस्टमर के साथ शूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार वाले उद्यमों (एमएसएमई)सभी को लोन देने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इसके लिए इन ग्राहकों के लिए बैंक के नए स्कोरिंग मॉडल पर खरा उतरना जरूरी है। उदाहरण के लिए कोटक महिंद्रा बैंक कैश फ्लो, टर्नओवर, कलेक्शंस और बिजनेस का प्रकार जैसे मानकों को देखेगा और इसके बाद ही पहली बार लोन लेने वाले कारोबारियों का आवेदन मंजूर किया जाएगा। अच्छी क्रेडिट क्वॉलिटी को प्राथमिकता देने का मतलब यह है कि ये बैंक अपनी एसेट क्वॉलिटी को जोखिम में नहीं डालना चाहते। आईडीएफसी बैंक भी पहला बार कर्ज लेने वालों और बैंक के लिए नए कस्टमर्स को पर्सनल लोन को तुरंत स्वीकृति देने की पेशकश कर रहा है।

क्या होगा असर
ये बैंक ऐसे ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके पास क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है। पहली बार कर्ज लेने वालों को पहले भी लोन मिलता था, लेकिन उन्हें अधिक समय लगता था और परेशानी होती थी। पर्सनल लोन ऑफर के तहत कस्टमर्स को दो लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। शुरुआत में इन बैंकों का लक्ष्य वेतनभोगी वर्ग है। हालांकि बाद में इसके तहत स्वरोगजार वाले लोगों को भी कर्ज दिया जाएगा। वास्तव में कर्ज चाहने वालों और कर्ज हासिल करने वालों की संख्या में एक बड़ा अंतर है। लोन के लिए आवेदन करने वाले 100 लोगों में से केवल पांच को ही लोन मिल पाता है।
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