बजट 2016-17: व्यक्तिगत कर सीमा में छूट की उम्मीद कम

वर्ष 2015-16 के आम बजट में सरकार ने इनकम टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया था, हालांकि, सेविंग्स पर मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ाई गई थी।

वर्ष 2015-16 के आम बजट में सरकार ने इनकम टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया था, हालांकि, सेविंग्स पर मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ाई गई थी। वित्त वर्ष 2016-17 के आगामी आम बजट से लोगों खासकर इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को सरकार से पर्सनल टैक्स में छूट की उम्मीदें हैं। 

इस बार उम्मीद है कि वित्त मंत्री बजट में सेविंग्स के नए प्रोडक्ट का एलान कर सकते हैं। हालांकि टैक्स एक्सपर्ट्स इस बजट में भी सरकार की तरफ से पर्सनल टैक्स के मसले पर किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार का ध्यान अभी कॉरपोरेट टैक्स पर ज्यादा है, हालांकि, कर विशंषज्ञों ने इन्वेस्टमेंट पर छूट की सीमा बढ़ाए जाने की उम्मीद जाहिर की है। 

आगामी बजट में इनकम टैक्स छूट की न्यूनतम सीमा को वर्तमान के 2.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए की जा सकती है। कराधान मामलों के विशेषज्ञ अतुल गर्ग का कहना है कि आगामी वित्त बजट में सरकार 80सी, 80डी, एचआरए, चाइल्ड एजुकेशन में मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढ़ा सकती है। होम लोन के ब्याज पर छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है, जो अभी 2 लाख रुपए है।

विशेषज्ञों का मानना हे कि फिलहाल सरकार का ध्यान कॉरपोरेट क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने पर है। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए सरकार सेविंग्स के कुछ नए प्रोडक्ट्स ला सकती है। इसके साथ ही 80सी, 80डी के साथ-साथ चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस, ट्यूशन फीस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, एचआरए आदि पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है। 

उनका कहना है कि सरकार का फोकस सीधे इनकम टैक्स में छूट देने की बजाय सेविंग्स की लिमिट बढ़ाने पर हो सकता है। सेविंग्स के लिए प्रोडक्ट लाने या लिमिट बढ़ाने का फायदा यह होगा कि सरकार का टैक्स कलेक्शन कम नहीं होगा और वह टैक्सपेयर्स की सेविंग्स से मिलने वाले फंड से अपनी कैपिटल जरूरतों को पूरा कर सकेगी।
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