एक अक्टूबर नहीं, अगले वर्ष से लागू होगा सप्ताह में 3 दिन छुट्टी वाला नियम

केन्द्र सरकार एक अक्टूबर से लागू करना चाहती थी नया लेबर कोड परन्तु अब इसे अगले वर्ष के लिए टाल दिया गया है।

By: सुनील शर्मा

Published: 20 Sep 2021, 08:26 AM IST

नई दिल्ली। सप्ताह में चार दिन काम और तीन दिन छुट्टी वाला नया लेबर कोड इस वर्ष के बजाय अगले वर्ष लागू किया जा सकता है। मोदी सरकार द्वारा बनाए गए नए लेबर कोड को लागू करने की तिथि फिर एक बार बढ़ाई जा सकती है। माना जा रहा है कि ऐसा राज्य सरकारों की ओर से दिखाई जा रही सुस्ती के बाद किया गया है वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में निकट भविष्य में होने वाले आम विधानसभा चुनावों को देखते हुए भी केन्द्र सरकार इसमें थोड़ा ढील दे रही है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने एक अक्टूबर, 2021 से पूरे देश में नया लेबर कोड लागू करना चाहती थी परन्तु राज्यों की ओर से अभी तक नियमों का मसौदा तैयार नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केन्द्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने चारों नए लेबर कोड के लिए नियम-कानून बना लिए हैं और उन्हें संसद से भी मंजूरी मिल चुकी है, परन्तु कुछ राज्य अब तक ऐसा नहीं कर पाए हैं।

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पहले सरकार इसे अप्रेल, 2021 में लागू करना चाहती थी, परन्तु तैयारी नहीं होने के कारण इसकी तारीख बाद में आगे बढ़ाकर एक जुलाई और फिर एक अक्टूबर कर दी गई, लेकिन वर्तमान हालातों को देखते हुए इन नियमों का इस साल लागू होना लगभग असंभव सा ही लग रहा है।

बिना राज्यों की सहमति के नहीं हो सकेगा लागू
श्रम संविधान का समवर्ती सूची में शामिल किया गया है अत: केन्द्र और राज्यों को इसे कानून के रूप में नोटिफाई करना होगा, तभी इसे लागू किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, हरियाणा, ओड़िशा, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड सहित कई राज्यों ने चारों नए श्रम कानूनों की रूपरेखा बना ली है जबकि बाकी राज्यों द्वारा ऐसा किया जाना बाकी है।

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जानिए क्यों है महत्वपूर्ण
नए लेबर कोड में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रस्ताव रखा गया है। कर्मचारियों को हफ्ते में चार दिन काम करना पड़ता और तीन दिन छुट्टी मिलती। सप्ताह में 48 घंटे काम करना होता। रोज नौ घंटे काम करने पर दो दिन और 8 घंटे काम करने पर हफ्ते में एक दिन छुट्टी मिलती। साथ ही कर्मचारियों को हर 5 घंटे के बाद आधे घंटे का रेस्ट देना अनिवार्य होगा।

घटेगी इन-हैंड सैलरी, पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ेगी
केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए नए लेबर कोड के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों के मूल वेतन पीएफ की केल्कुलेशन में बड़ा बदलाव आएगा। इससे कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा परन्तु पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ जाएगी। नियोक्ता कंपनियों पर भी इसका बोझ आएगा और उन्हें पीएफ में ज्यादा पैसा देना होगा।

सुनील शर्मा
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