अगर आप भी चलाते हैं मोबाइल में दो सिम कार्ड तो जरूर पढ़ लें यह खबर

अगर आप भी चलाते हैं मोबाइल में दो सिम कार्ड तो जरूर पढ़ लें यह खबर

| Publish: Nov, 22 2018 06:16:41 PM (IST) बिजनेस यूटिलिटी न्यूज

सेलुलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, अगले 6 महीनों में उपभोक्ताओं की संख्या में 2.5 से 3 करोड़ की कमी आ सकती है।

नई दिल्ली। हाल के वर्षों में मोबाइल फोन का जिस तेजी से विस्तार हुआ वैसा और किसी क्षेत्र में नजर नहीं आता। इसके चलते आज देश में मोबाइल धारकों की संख्या देश की कुल आबादी के 90 फीसदी के करीब है। टेलीकॉम सेक्टर की इस तेजी को आने वाले दिनों में झटका लग सकता है। सेलुलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, अगले 6 महीनों में उपभोक्ताओं की संख्या में 2.5 से 3 करोड़ की कमी आ सकती है। एक विशेषज्ञ के मुताबिक, सालभर में ग्राहकों की संख्या में गिरावट 6 करोड़ तक जा सकती है। इसकी वजह यह है कि सभी कंपनियों की कमोबेश एक तरह के टैरिफ प्लान और सेवाओं के चलते ग्राहक अब अलग-अलग कंपनियों के एक से ज्यादा सिम कार्ड रखने की जगह किसी एक कंपनी के सिम कार्ड को तरजीह देने लगे हैं। इसके चलते ग्राहकों संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

साढ़े सात करोड़ ग्राहकों के पास एक सिम

बता दें कि सितंबर तक देश में कुल 1.2 अरब मोबाइल उपभोक्ता थे। देश में अभी करीब 7.3 करोड़ से 7.5 करोड़ सिंगल सिम वाले कस्टमर (यूनिक कस्टमर) उपभोक्ता हैं। बाकी ग्राहक 2 या अधिक सिम वाले हैं। ग्राहक 2 सिम इसलिए इस्तेमाल करते हैं ताकि वे जगह के हिसाब से किफायती और अच्छी सर्विस का लाभ उठा सकें। अब, चूंकि सभी ऑपरेटरों की प्राइस और सर्विस क्वॉलिटी लगभग एक समान है तो कई कनेक्शन की कोई जरूरत ही नहीं रह गई है। ऐसे में ये ग्राहक अपने दूसरे नंबर को बंद कर सकते हैं।

कंपनियों का नया रुख भी होगा जिम्मेदार

दो या ज्यादा सिम वाले ग्राहकों की ओर से नियमित रीचार्ज न कराने से परेशान कंपनियां इसका तोड़ लंबी अवधि वाले रीचार्ज को खत्म कर कम अवधि के प्लान पेश करके निकाला है। हाल ही में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने 28 दिन की वैधता वाले 35 रुपए, 65 रुपए और 95 रुपए के न्यूनतम रीचार्ज प्लान लॉन्च किए हैं। इन दोनों कंपनियों के मिनिमम प्लान अब जियो के जियोफोन यूजर्स के लिए 49 रुपए के मिनिमम रिचार्ज प्लान की टक्कर में हैं। ऐसे में अब ग्राहकों को किसी एक ऑपरेटर को चुनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned