इलेक्ट्रिक कार लेने की सोच रहे हैं तो जरा ठहरिए, फायदे के साथ नुकसान भी करती हैं ये कारें

पर्यावरण की दृष्टि से तो ये वाहन बिलकुल फिट बैठते हैं लेकिन अगर एक आम आदमी के हिसाब से देखें तो इन वाहनों को खरीदने में कई नुकसान भी हैं।

By: Vineet Singh

Published: 24 May 2018, 08:07 AM IST

नई दिल्ली: भारत में फॉसिल फ्यूल की बढ़ती खपत और पर्यावरण में बढ़ते हुए प्रदूषण को देखते हुए हमारी सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। ये वाहन चलाने में तो किसी आम पेट्रोल या डीजल कार का एहसास देते हैं लेकिन ये किसी कार की तुलना में जरा भी प्रदूषण नहीं करते हैं। ऐसे में इनके इस्तेमाल से पर्यावरण में जहरीली गैसों का उत्सर्जन रोका जा सकता है। पर्यावरण की दृष्टि से तो ये वाहन बिलकुल फिट बैठते हैं लेकिन अगर एक आम आदमी के हिसाब से देखें तो इन वाहनों को खरीदने में कई नुकसान भी हैं।

हम अक्सर सोचते हैं कि नार्मल पेट्रोल कार छोड़कर कोई इलेक्ट्रिक कार खरीद लें, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इलेक्ट्रिक कारें किसी आम पेट्रोल कार से काफी अलग होती हैं फिर चाहे वो स्पीड हो या फिर उनका रख-रखाव। इलेक्ट्रिक कारों को खरीदने के जहां कुछ फायदे हैं तो उनके कई नुकसान भी हैं। आज इस खबर में हम आपको इलेक्ट्रिक कारों के बारे में विस्तृत जानकारी देने जा रहे हैं।

इलेक्ट्रिक कारों के फायदे

ईंधन की बचत: अगर आपके पास कोई इलेक्ट्रिक कार है तो यह आपकी जेब को थोड़ी राहत देगी। ऐसा इसलिए कि ये कारें महज कुछ यूनिट में ही पूरी तरह चार्ज हो जाती हैं और एक चार्जिंग में 100 से 150 किलोमीटर तक आसानी से चली जाती हैं और इसमें महज कुछ 100 रुपये तक का ही खर्च आता है।

पर्यावरण के लिए फायदेमंद: बिजली से चलने की वजह से ये कारें पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं और पूरी तरह से ईको फ्रेंडली होती हैं।

कम शोर: आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक मोटर से चलने की वजह से इन कारों में जरा सा भी शोर नहीं होता है। ऐसे में ये कारें पर्यावरण में ध्वनि प्रदूषण नहीं फैलाती हैं।

कम रख रखाव: अगर आप इलेक्ट्रिक कार चलाते हैं तो आपको हमेशा इसके रख-रखाव के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। यह कार कम रख-रखाव में भी ठीक से काम करती है और इसके लिए आपको हर महीने हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत भी नहीं पड़ती।

इलेक्ट्रिक कार के नुकसान

खरीदने में महंगी: जहां आप किसी साधारण छोटी कर को 4 से 5 लाख में आसानी से खरीद सकते हैं वहीं इस कार को खरीदने के लिए आपको 30 से 40 लाख खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे में ये आम इंसान के लिए तो बनी ही नहीं है।

कम ताकत: इलेक्ट्रिक कार कंपनियां चाहे कितना भी दावा कर लें लेकिन इन कारों में उस तरह की ताकत नहीं है जैसे किसी पेट्रोल कार में होती हैं। जब इन कारों पर जब लोड पड़ता है तो इसका असर इनकी ताकत और स्पीड पर साफ़ तौर से देखा जा सकता है।

लंबी चार्जिंग: आपको बता दें कि भले ये कारें एक बार में लंबी दूरी तय कर लेती हों लेकिन इन्हें चार्ज होने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है जो एक लंबा वक्त है । जबकि पेट्रोल कारों के साथ ऐसी कोई दिक्कत नहीं होती है।

सर्विस स्टेशन की कमी: अभी भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार बेहद ही डाउन है ऐसे में इक्का-दुक्का लोगों के पास ही इलेक्ट्रिक कारें है। अगर आपकी इलेक्ट्रिक कार में कोई गड़बड़ी आ जाती है तो आपको सर्विस स्टेशन नहीं मिलेंगे क्योंकि देश में चुनिंदा जगहों पर ही इलेक्ट्रिक कार के सर्विस स्टेशन हैं।

Vineet Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned