आए नए दिशा-निर्देश, सर्दी होने पर 15 दिन स्कूल नहीं आएंगे शिक्षक-विद्यार्थी

CBSE और ICSE स्कूलों में 1 साल तक लागू रहेंगे एचआरडी मंत्रालय के दिशा-निर्देश। अब सर्दी होने पर 15 दिन स्कूल नहीं आएंगे शिक्षक-विद्यार्थी। लॉकडाउन के बाद भी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। स्कूल की कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होगी, लेकिन जिन शिक्षक या विद्यार्थी को सर्दी, जुकाम आदि की दिक्कत होगी उन पर अगले 15 से 20 दिनों तक स्कूल आने पर पाबंदी लगा दी जाएगी।

By: Jitendra Rangey

Published: 22 May 2020, 12:15 PM IST

CBSE और ICSE स्कूलों में 1 साल तक लागू रहेंगे एचआरडी मंत्रालय के दिशा-निर्देश। अब सर्दी होने पर 15 दिन स्कूल नहीं आएंगे शिक्षक-विद्यार्थी। लॉकडाउन के बाद भी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। स्कूल की कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होगी, लेकिन जिन शिक्षक या विद्यार्थी को सर्दी, जुकाम आदि की दिक्कत होगी उन पर अगले 15 से 20 दिनों तक स्कूल आने पर पाबंदी लगा दी जाएगी। ऐसे शिक्षक घर से ही ऑनलाइन क्लास लेंगे। वहीं ऐसे विद्यार्थी को शिक्षक स्कूल में पढ़ाये जाने वाले चैप्टर को ऑनलाइन प्रोवाइड करवाएंगे। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई न छूटे। लॉकडाउन के बाद अगले एक साल तक स्कूल में यह नियम लागू करने का निर्देश मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से दिया गया है। यह सीबीएसई और आईसीएसई के तमाम स्कूलों में लागू किया जाएगा।

स्कूल खुलने पर शिक्षकों के लिए गाइडलाइन
लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने पर शिक्षकों के लिए गाइडलाइन बनाये गए हैं। इस गाइडलाइन का शिक्षकों को पालन करना है। गले, मुंह, नाक आदि की शिकायत होने पर शिक्षक खुद से घर से ही पढ़ाई करवाना शुरू करेंगे। ऐसे शिक्षक किसी भी विद्यार्थी के सीधा संपर्क में नहीं रहेंगे। इन्हें नोट बुक की जांच करने के साथ स्कूल के अन्य शैक्षणिक कामों से भी दूर रखा जायेगा। स्कूलों के रूटीन को लेकर एचआरडी मंत्रालय ने सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड को भेजी गाइडलाइंस।

कोरोना पॉजिटिव हो तो शिक्षक खुद स्कूल आना बंद करेंगे
अगर किसी शिक्षक को कोरोना पॉजिटिव का लक्षण खुद में लगे, तो वो तुरंत प्राचार्य से संपर्क कर स्कूल आना बंद करेंगे। साथ में मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ खुद को आइसोलेट करेंगे। निर्देश में कहा गया है कि अगर शिक्षक खुद इनेशिएटिव लेते हैं तो ऐसे शिक्षकों को कोरोना योद्धा के तौर पर स्कूल सम्मानित करेगा।

नोटबुक जांच के पहले उसे करना है सेनेटाइज
अभी तक शिक्षक पढ़ाते थे और बच्चों का नोटबुक चेक करते थे। लेकिन अब यह कुछ घंटों के बाद होगा। विद्यार्थी द्वारा नोटबुक जमा किया जायेगा। उसके कुछ घंटों के बाद ही शिक्षक उसे छूएंगे। छूने से पहले सभी नोटबुक को सेनेटाइज किया जायेगा। सेनेटाइज करने के बाद ही शिक्षक नोटबुक करेक्शन करेंगे।

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